किशनगंज जिले के नगर पंचायत पौआखाली अंतर्गत वार्ड संख्या 04 स्थित शीशागाछी टोला में बुनियादी सुविधाओं की पोल खुल गई है. यहां मुख्य सड़क पर महीनों से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसने स्थानीय रहवासियों का जीना मुहाल कर दिया है.
नगर पंचायत बनने के बाद बेहतर नागरिक सुविधाओं और विकास के लंबे-चौड़े दावे तो किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नगर प्रशासन की नजर अब तक इस गंभीर जनसमस्या पर नहीं पड़ी है.
सड़क बनी नाला: पीडब्ल्यूडी पथ से झपड़तल मार्ग तक पानी ही पानी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी मुख्य पथ पर मलामुद्दीन के घर से पश्चिम दिशा की ओर झपड़तल पीसीसी मार्ग तक जाने वाली महत्वपूर्ण टोला सड़क लंबे समय से जलमग्न है:
- सड़क पर महीनों से गंदा और बदबूदार पानी जमा है, जिससे पूरी सड़क ने एक गंदे नाले का रूप ले लिया है.
- जलजमाव के कारण सड़क की संरचना भी कमजोर हो रही है और पैदल चलना तक दूभर हो चुका है.
- लंबे समय से रुके हुए इस पानी में जहरीले मच्छर और कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं, जिससे पूरे टोले में संक्रामक व मच्छरजनित बीमारियों (मलेरिया, डेंगू) के फैलने का खतरा मंडरा रहा है.
बुजुर्गों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें
सड़क पर भरे बदबूदार पानी का सबसे बुरा असर समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग पर पड़ रहा है:
- टोले के बच्चों को स्कूल और कॉलेज जाने के लिए रोजाना इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अक्सर उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं.
- बुजुर्गों और महिलाओं के लिए फिसलन भरी सड़क पर गिरकर चोटिल होने का जोखिम हर वक्त बना रहता है.
- आसपास के घरों में बदबू और सीलन के कारण लोगों का घर में बैठना और खाना-पीना तक मुश्किल हो गया है.
शिकायतों के बाद भी नहीं पसीजा नगर प्रशासन, फूटा गुस्सा
टोला वासियों का कहना है कि उन्होंने वार्ड पार्षद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक रूप से इस समस्या से अवगत कराया.
बावजूद इसके, अब तक जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था तो दूर, किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर मुआयना तक नहीं किया. प्रशासन की इस अनदेखी और उदासीनता से स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है.
नागरिकों ने उठाई स्थायी जलनिकासी और नाला निर्माण की मांग
शीशागाछी टोला वासियों ने जिलाधिकारी और नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि:
- तत्काल तकनीकी टीम भेजकर स्थल निरीक्षण कराया जाए.
- जमा गंदे पानी को पंप या अस्थायी माध्यम से तुरंत बाहर निकाला जाए.
- टोले में एक सुनियोजित और पक्के नाले का निर्माण कराया जाए, ताकि पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क से झपड़तल मार्ग तक पानी की स्थायी निकासी सुनिश्चित हो सके.
