किशनगंज जिले में अवैध बालू खनन और उसके गैर-कानूनी परिवहन के खिलाफ खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए खनन विभाग की टीम ने पश्चिमपाली के समीप छापेमारी कर अवैध बालू लदे दो डीसीएम 6 चक्का ट्रकों को रंगे हाथों जब्त किया है. अचानक हुई इस सख्त कार्रवाई से अवैध बालू कारोबारियों और माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है.
गुप्त सूचना पर घेराबंदी कर पकड़े गए वाहन
खनन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिमपाली मार्ग से होकर बालू का अवैध परिवहन किया जा रहा है. सूचना के मिलते ही खनन निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने इलाके की घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी.
जैसे ही बालू लदे दो डीसीएम 6 चक्का ट्रक वहां से गुजरे, टीम ने उन्हें रोककर कागजात की मांग की. जांच के दौरान चालक न तो वैध खनन चालान दिखा सके और न ही परिवहन परमिट पेश कर पाए, जिसके बाद दोनों ट्रकों को तुरंत जब्त कर लिया गया.
जब्त ट्रकों को पुलिस के किया सुपुर्द, केस दर्ज
खनन विभाग ने जब्त दोनों वाहनों को आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए किशनगंज थाना के सुपुर्द कर दिया है.
वाहनों के मालिकों और चालकों के खिलाफ बिहार खनिज नियमावली और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राजस्व की चोरी और पर्यावरण नुकसान पर कड़ा संदेश
खनन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से न केवल सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंचती है.
विभाग ने साफ कहा कि सरकारी राजस्व की चोरी करने वाले और बिना चालान खनिजों की ढुलाई करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
अवैध खनन की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील
छापेमारी के दौरान खनन निरीक्षक सुनील कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर उनके आसपास कहीं भी अवैध खनन, अवैध बालू भंडारण या बिना परमिट वाहनों की आवाजाही दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत खनन विभाग या स्थानीय पुलिस को दें.
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
