-गरीब परिवारों को मिला मातृत्व का संबल, अप्रैल से सितंबर तक 111 सफल सिजेरियन
किशनगंजजब किसी गरीब परिवार में प्रसव का समय आता है, डॉक्टर बताते है कि सिजेरियन डिलीवरी करनी होगी, तो सबसे पहले मां के चेहरे पर डर और पिता के मन में पैसों की चिंता घर कर जाती है. निजी अस्पतालों में यह ऑपरेशन कई हजार रुपये का खर्च कर देता है. अब किशनगंज जिले के सदर अस्पताल ने इन चिंताओं को दूर कर दिया है. यहां निःशुल्क और सुरक्षित सिजेरियन सुविधा ने उन परिवारों को राहत दी है.सदर अस्पताल में अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच 111 सिजेरियन प्रसव (सी-सेक्शन) सफलतापूर्वक कराए गए. इससे पहले जनवरी से अप्रैल तक 59 मामले दर्ज हुए थे. यानी पूरे वर्ष अब तक 170 से अधिक माताओं ने सुरक्षित प्रसव का अनुभव किया.सिजेरियन डिलीवरी क्यों आवश्यक होती है
डॉ शबनम यास्मीन बताती है कि सिजेरियन डिलीवरी तब की जाती है जब मां या बच्चे के जीवन को खतरा हो. जैसे गर्भ में बच्चे की गलत स्थिति, ज्यादा रक्तचाप, या प्रसव पीड़ा लंबी खिंचना. इस प्रक्रिया में मां की सुरक्षा सर्वोपरि होती है. समय पर निर्णय लेने से जटिल प्रसव भी सुरक्षित हो जाता है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में अब हर सुविधा मौजूद है प्रशिक्षित स्टाफ, सुरक्षित ऑपरेशन थिएटर, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, ब्लड बैंक और नवजात देखभाल इकाई.अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन बताते है कि हमारा लेबर रूम लक्ष्य सर्टिफाइड है और ऑपरेशन थिएटर में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए है. अब किसी भी प्राइवेट नर्सिंग होम की तुलना में हमारी व्यवस्था बेहतर और सुरक्षित है. सिजेरियन जैसी बड़ी प्रक्रिया भी अब यहां नियमित रूप से हो रही है. हमारा उद्देश्य है कि कोई भी मां सिर्फ पैसों के कारण अपनी जान न गंवाए.
मातृत्व सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी कहते हैं कि निःशुल्क सिजेरियन सुविधा सरकार की सबसे बड़ी सामाजिक उपलब्धियों में से एक है. इससे गरीब परिवारों को बड़ा सहारा मिला है. अब हम पूरी ताकत से यह सुनिश्चित कर रहे है कि हर गर्भवती महिला का प्रसव संस्थागत रूप से हो और सुरक्षित माहौल में हो.
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