सूचना के अधिकार विफल, अधिकारी नहीं देते जानकारी
राइट टू इंफॉर्मेशन (आरटीआई) एक्ट ठाकुरगंज प्रखंड सहित किशनगंज जिले में मजाक बनकर रह गया है
ठाकुरगंज राइट टू इंफॉर्मेशन (आरटीआई) एक्ट ठाकुरगंज प्रखंड सहित किशनगंज जिले में मजाक बनकर रह गया है. लोगों को आवेदन देने के महीनो बाद भी जानकारी नहीं मिल रही है. ताजा मामला ठाकुरगंज प्रखंड के पंचायत शिक्षक नियोजन से जुड़ा है. इस मामले में द्वितीय पंचायत शिक्षक नियोजन अंतर्गत दुधौटी पंचायत द्वारा तैयार अंतिम मेघा सूची जिसके आधार पर वर्ष 2010 के जनवरी माह से मार्च 2011 की समय सीमा में वितरित हुए नियोजन पत्र व की जानकारी मांगी गई थी. सबसे पहले 8 सितंबर को ठाकुरगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से उक्त जानकारी मांगी गई जिन्होंने इस मामले में 14 दिनों बाद पंचायत सचिव सह सदस्य सचिव दुधौटी पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई को पत्र लिखकर उक्त जानकारी उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया. ससमय उनके द्वारा इस मामले में सूचना उपलब्ध नहीं करवाने के बाद अपीलीय प्राधिकार सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी को 21 नवंबर को आवेदन दिया गया. जिन्होंने इस मामले में 11 दिसंबर को ठाकुरगंज बीडीओ और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को पत्र लिखकर आवेदन कर्ता को सूचना उपलब्ध करवाने का निर्देश तो दे दिया. वही यह पत्र मिलने के बाद बीडीओ कार्यालय ने उसी पंचायत सचिव को जानकारी देने को कहा जिसके पास तीन माह पूर्व आवेदक ने आवेदन दिया था. जानकार बताते है की शिक्षक नियोजन की फाइल बीआरसी और पंचायत भवन दोनों जगह उपलब्ध होनी चाहिए., लेकिन दोनों कार्यालयों में इस मामले में एक दूसरे की जवाबदेही बताने का मामला रहस्यमय बनता जा रहा है. अब सवाल उठता है की आखिर दोनों कार्यालयों से फाइल कैसे गायब हो गई.
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