देवनंदन आत्महत्या कांड में आयोग ने डीएम और एसपी से मांगी रिपोर्ट

छत्तरगाछ मियांबस्ती के कोचिंग संचालक आदिल रब्बानी एवं झीनाखोर तैयबपुर निवासी जिसान नाम के युवक को नामजद आरोपित बनाया गया है.

पहाड़कट्टा पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के कोल्था कॉलोनी छत्तरगाछ निवासी छात्र देवनंदन रॉय उर्फ सुरजीत रॉय आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस घटना पर संज्ञान लिया है. आयोग के सहायक निर्देशक गुलशन कुमार पहाड़िया ने मामले पर संज्ञान लेते हुए किशनगंज डीएम और एसपी से पंद्रह दिनों के अंदर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. आयोग द्वारा कहा गया है कि देवाशीष रॉय पिता देवनारायण रॉय से प्राप्त आवेदन में देवनंदन रॉय उर्फ सुरजीत रॉय को यातनाएं देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है और आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में इस मामले की जांच करने का निर्णय लिया है. उल्लेखनीय है कि छत्तरगाछ पुलिस कैम्प से सटे कोल्था कॉलोनी निवासी देवनारायण हरिजन के (16 वर्षीय) पुत्र देवनंदन रॉय उर्फ सुरजीत रॉय ने 28 अक्टूबर को अपने घर में फंदे से लटकर आत्महत्या कर लिया था. मृतक के बड़े भाई देवाशीष रॉय के लिखित आवेदन पर पहाड़कट्टा थाना कांड संख्या 127/25 दर्ज कराया गया और इस कांड में छत्तरगाछ मियांबस्ती के कोचिंग संचालक आदिल रब्बानी एवं झीनाखोर तैयबपुर निवासी जिसान नाम के युवक को नामजद आरोपित बनाया गया है. प्राथमिकी में कहा गया है कि कोचिंग संचालक आदिल रब्बानी उसे यातनाएं देकर शारीरिक शोषण करता था. जिस कारण देवनंदन उर्फ सुरोजीत मानसिक रूप से परेशान हो गया था और डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर लिया. परिजनों का यह भी आरोप है कि आदिल रब्बानी रात के एक-दो बजे व्हाट्सएप्प कॉल कर भी उसे टॉर्चर करता था. कांड के वादी देवाशीष रॉय ने बताया कि घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर रही है. इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का सहारा लिया है.

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By AWADHESH KUMAR

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