ठाकुरगंज्र
ई-शिक्षाकोष ऐप के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है. केवल 500 मीटर के दायरे में पहुंचते ही शिक्षकों की हाजिरी दर्ज हो जाने की व्यवस्था पर स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. हाल ही में ठाकुरगंज नगर क्षेत्र से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें कुछ शिक्षक विद्यालय परिसर के बाहर सड़क किनारे बैठकर मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते नजर आ रहे हैं. तस्वीर सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि विभाग केवल लोकेशन ट्रैक कर रहा है या वास्तव में शिक्षक विद्यालय में मौजूद हैं और कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं, इसकी भी निगरानी हो रही है. शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष व्यवस्था को पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया था, लेकिन अब यह व्यवस्था कई जगहों पर केवल औपचारिकता बनती दिखाई दे रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सिर्फ 500 मीटर की दूरी उपस्थिति का आधार है, तो विद्यालय में नियमित पढ़ाई, बच्चों की निगरानी और शिक्षण कार्य की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित होगी. आरोप है कि कुछ शिक्षक विद्यालय के निर्धारित दायरे में पहुंचकर मोबाइल से ऑनलाइन हाजिरी बनाते हैं और उसके बाद स्कूल परिसर में पर्याप्त समय नहीं बिताते. अभिभावकों के बीच भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है. उनका कहना है कि यदि केवल मोबाइल लोकेशन के आधार पर उपस्थिति दर्ज हो रही है, तो वास्तविक कक्षा संचालन और बच्चों की पढ़ाई की निगरानी मुश्किल हो जाएगी. कई मामलों में यह भी चर्चा है कि कुछ शिक्षक सुबह निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर ऑनलाइन हाजिरी बनाते हैं और फिर निजी कार्यों के लिए घर लौट जाते हैं. बाद में दोबारा स्कूल पहुंचने की बात भी सामने आ रही है.ई-शिक्षाकोष में ऑनलाइन हाजिरी पर उठे सवाल

ई-शिक्षाकोष में ऑनलाइन हाजिरी पर उठे सवाल
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Questions raised on online attendance in e-Shikshakosh