ठाकुरगंज रेलवे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अंतर्गत छह महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान किया है. सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से कार्यों के तत्काल निष्पादन का मार्ग प्रशस्त हुआ है. अनुमोदित परियोजनाओं में रायगंज-इटहर (22.16 किमी) और गाजोल-इटहर (27.20 किमी) नई रेलवे लाइन शामिल हैं. इनकी अनुमानित लागत क्रमशः 129.34 करोड़ रुपये और 85.59 करोड़ रुपये है ये लाइनें उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में रेल कनेक्टिविटी को काफी बढ़ाएंगी तथा पूर्वोत्तर की ओर यात्री और माल ढुलाई को मजबूती प्रदान करेंगी. एक अन्य प्रमुख परियोजना इटहर-बुनियादपुर नई लाइन (27.095 किमी) को भी ध्यान में रखा गया है. इसकी अनुमानित लागत 287.94 करोड़ रुपये है. यह लाइन पांच स्टेशनों के माध्यम से महत्वपूर्ण व्यापार और जनसंख्या केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को जोड़ने में सुधार होगा तथा क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा. रेलवे बोर्ड ने चालसा–नक्सल नई लाइन (19.85 किमी) को 292.92 करोड़ की अनुमानित लागत से स्वीकृति प्रदान की है, जो डुआर्स क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने और रेलवे नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इसके अतिरिक्त, राजाभातखावा–जयंती नई लाइन (15.13 किमी) पर विचार किया गया है, जो बुक्सा टाइगर रिजर्व से होकर गुजरती है. 180.16 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को सतत और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार निर्माण पर उचित ध्यान देते हुए आगे बढ़ाया जाएगा. साथ ही स्थानीय गतिशीलता बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करने में योगदान दिया जाएगा. छठी परियोजना, रायगंज–डालखोला नई लाइन (43.43 किमी) की अनुमानित लागत 291.53 करोड़ है और इसके महत्वपूर्ण प्रारंभिक कार्य पहले ही पूर्ण किए जा चुके हैं. यह लाइन रायगंज और डलखोला के बीच अधिक कुशल रेल संपर्क स्थापित करेगी, यात्रा समय कम करेगी और क्षेत्र में माल एवं यात्री आवाजाही को बढ़ावा देगी.
पूसी रेलवे ने छह अहम रेल परियोजनाओं को दी स्वीकृति
रेलवे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अंतर्गत छह महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान किया है
