KISHANGANJ अररिया-गलगलिया रेलखंड पर सिर्फ एक ट्रेन चलने से बढ़ी परेशानी
अररिया - गलगलिया (ठाकुरगंज) रेलखंड चालू होने के बाद भी इस रूट पर अब तक केवल एक नियमित ट्रेन के परिचालन से यात्रियों में भारी नाराजगी और निराशा देखी जा रही है.
ठाकुरगंज (किशनगंज ) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट :
अररिया – गलगलिया (ठाकुरगंज) रेलखंड चालू होने के बाद भी इस रूट पर अब तक केवल एक नियमित ट्रेन के परिचालन से यात्रियों में भारी नाराजगी और निराशा देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से तैयार रेलखंड पर सिर्फ एक ट्रेन चलना क्षेत्र के साथ अन्याय है. यात्रियों ने इस रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन की मांग तेज कर दी है ताकि लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके. बताया जाता है कि वर्तमान में इस रेलखंड पर नियमित रूप से केवल कटिहार – पूर्णिया – अररिया – पोवाखाली होकर चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस 15701 / 15702 का ही परिचालन हो रहा है. यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण इस ट्रेन में प्रतिदिन भारी भीड़ रहती है. हालत यह है कि लोग भेड़-बकरी की तरह ठूंसकर यात्रा करने को मजबूर हैं. सीट तो दूर खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही है.
रेल यात्री समिति ने रेल मंत्री व डीआरएम को लिखा पत्र
इधर, ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने रेल मंत्री एवं कटिहार मंडल के डीआरएम को पत्र भेजकर जोगबनी – सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस 15723 / 15724 को नए रूट से चलाने की मांग उठाई है. समिति की मांग है कि इस ट्रेन का परिचालन जोगबनी – फोर्बिसगंज – अररिया – पोवाखाली – ठाकुरगंज होकर सिलीगुड़ी तक किया जाए ताकि सीमांचल के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिल सके. रेल यात्री संघ ने ट्रेन के समय में बदलाव की भी मांग की है. समिति का कहना है कि वर्तमान में कटिहार – अररिया – ठाकुरगंज – सिलीगुड़ी ट्रेन सुबह के समय कटिहार से खुलती है. ऐसे में यदि जोगबनी से भी सुबह ट्रेन खोली जाएगी तो दोनों ट्रेनों का समय लगभग समान हो जाएगा और यात्रियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा. इसलिए जोगबनी – सिलीगुड़ी एक्सप्रेस को सिलीगुड़ी से सुबह सात बजे खोले जाने की मांग की गई है.
दो घंटे कम हो जाएगा सफर
जानकारों के अनुसार, वर्तमान में जोगबनी से सिलीगुड़ी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस लगभग 311 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इसमें करीब साढ़े छह घंटे का समय लगता है. जबकि अररिया – पोवाखाली – ठाकुरगंज होकर यही दूरी लगभग 222 किलोमीटर रह जाएगी. यानी नए रूट से ट्रेन चलने पर यात्रियों का करीब दो घंटे का समय बच सकता है.
कटिहार से सिलीगुड़ी के लिए है दर्जन भर ट्रेन
रेल यात्री समिति के संयोजक सह मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल, उपाध्यक्ष अरुण सिंह एवं सचिव अमित सिन्हा ने कहा कि कटिहार से सिलीगुड़ी के लिए पहले से ही दर्जन भर ट्रेनों का परिचालन हो रहा है. ऐसे में जोगबनी – सिलीगुड़ी इंटरसिटी को अररिया – पोवाखाली – ठाकुरगंज होकर चलाना क्षेत्र की बड़ी जरूरत बन चुकी है. उन्होंने कहा कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन को बाध्य होंगे.