मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिये रक्त संबंधों को मिले प्राथमिकता

मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिये रक्त संबंधों को मिले प्राथमिकता

किशनगंज. जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष सह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुशांत गोप ने ईमेल के माध्यम से बिहार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और जिला निर्वाचन पदाधिकारी किशनगंज को मांगपत्र भेजा है. मांगपत्र में मांग की गयी है कि जिले में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन आवासीय प्रमाण पत्र में सीधा खून के रिश्ते को ही प्राथमिकता दी जाए. सगे संबंधी दस्तावेज वाले को फिलहाल रोका जाए. वहीं डिलीटेड वोटरों को अलग से कैम्प लगा कर नाम जोड़ी जाए और अवैध और बाहरी वोटरों को नाम जोड़ने में सिर्फ पुत्र पुत्री और बहू को ही शामिल किया जाए. जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष सुशांत गोप ने बताया कि मांग पत्र में जो मांग की गयी है उससे अवैध वोटर पर रोक लगेगी क्योंकि किशनगंज मतदाता सूची में नाम जोड़ने का बंगाल के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क और फ़र्ज़ी वोटर के लिए सरल जगह बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इसका प्रमाण समय समय पर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले को लेकर हुई छापेमारी और कई दलालों की गिरफ्तारी इसका प्रमाण है. उन्होंने कहा कि बिहार गहन मतदाता पुनःनिरीक्षण से सीमा क्षेत्र किशनगंज में कई राज खुलेंगे और अवैध घुसपैठियों की पहचान हो सकेगी ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >