जन निर्माण केंद्र व प्रशासन ने रोकवाया नाबालिग लड़की की शादी

किशनगंज जिले के दिघलबैंक थाना क्षेत्र स्थित सातकुआ पंचायत में एक नाबालिग बच्ची का विवाह जन निर्माण केंद्र और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से रुकवा दिया गया

किशनगंज किशनगंज जिले के दिघलबैंक थाना क्षेत्र स्थित सातकुआ पंचायत में एक नाबालिग बच्ची का विवाह जन निर्माण केंद्र और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से रुकवा दिया गया. इस पहल से एक किशोरी का बाल विवाह होने से बच गया. जन निर्माण केंद्र को स्थानीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि शुक्रवार को गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी का विवाह तय किया गया है. सूचना की पुष्टि होने के बाद संस्था के जिला समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम के नेतृत्व में एक टीम सक्रिय हुई. अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी बप्पी ऋषि अंचल अधिकारी गरिमा गीतिका सह सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम विवाह स्थल पर पहुंची. टीम ने मौके पर परिजनों से बात की और उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की कानूनी धाराओं तथा बाल विवाह से होने वाली मानसिक, शारीरिक और सामाजिक हानियों के बारे में समझाया. परिजनों ने अधिकारियों की बात को गंभीरता से लेते हुए बालिका का विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया और इस संबंध में लिखित प्रमाण भी दिया. वहीं सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी ने बताया कि किसी भी नाबालिग की शादी करवाना या उसमें सहायता करना गैर-जमानती कानूनी अपराध है. उन्होंने परिजनों को समझाया कि नाबालिग के विवाह से शिक्षा के अधिकार, बच्चे के विकास, मानसिक शक्ति और समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है. यह बात समझने के बाद परिजनों ने विवाह रोकने पर सहमति जताई. टीम ने परिजनों से एक शपथ पत्र भी भरवाया, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी का विवाह 18 वर्ष पूरे होने के बाद ही करने का इकरार किया.

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Author: AWADHESH KUMAR

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