खेल मैदान में पौधरोपण के कारण खिलाड़ियों व वॉकरों को हो रही परेशानी
खेल मैदान में पौधरोपण के कारण खिलाड़ियों व वॉकरों को हो रही परेशानी
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
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वन विभाग के पौधरोपण के फैसले से मैदान की कमी व अव्यवस्था में वृद्धि, खेलो इंडिया योजना की दिशा पर सवाल
ठाकुरगंज. खेलो इंडिया के तहत एथलेटिक्स ट्रैक के लिए चयनित ठाकुरगंज हाईस्कूल का मैदान पहले से जंगलों से भरा हुआ था. अब वन विभाग ने पौधरोपण कर मैदान को और छोटा कर दिया है. इससे न केवल खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी हो रही है, बल्कि आम लोग जो सुबह की सैर के लिए मैदान का उपयोग करते हैं, उन्हें भी अब पाबंदी का सामना करना पड़ रहा है.
खेलो इंडिया योजना के तहत चयनित मैदान
जानकारी के अनुसार, खेलो इंडिया योजना के तहत किशनगंज जिले को एथलेटिक्स के लिए चुना गया था व ठाकुरगंज हाइस्कूल में ट्रैक बनाने का प्रस्ताव था. यहां एनआइएस कोच व पूर्व एथलीटों की देखरेख में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की योजना थी. हालांकि, सालों का समय बीत जाने के बावजूद मैदान में कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है.
झाड़ियों के बीच वॉकिंग व क्रिकेट अभ्यास
उच्च विद्यालय के खेल मैदान में चारों ओर जंगल उग आए थे, जिससे लोग मुश्किल से सुबह की सैर कर पा रहे थे. यहां तक कि बच्चों को क्रिकेट का अभ्यास करने के लिए भी यह मैदान उपयुक्त नहीं था. अब, वन विभाग ने पौधरोपण कर मैदान को व छोटा कर दिया है, जिससे स्थिति और भी खराब हो गयी है.
कहते हैं प्रधानाचार्य
इस संबंध में स्कूल के प्रधानाचार्य संतोष मिश्रा ने बताया कि उनसे पौधरोपण की अनुमति मांगी गई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल चारदीवारी के किनारे पौधरोपण की अनुमति दी थी, लेकिन पूरे मैदान में पौधरोपण करने की अनुमति नहीं दी थी.
मुख्य पार्षद की आलोचना
मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने वन विभाग के इस कदम को खिलाड़ियों व सैर करने वालों के साथ अन्याय बताया है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार का पौधरोपण मैदान में किया जाना गलत है. यह बच्चों के खेल को प्रभावित कर रहा है. पटेल ने सुझाव दिया कि पौधरोपण अन्य स्थानों पर किया जाना चाहिए, ताकि खेल मैदान व वॉकरों की सुविधा बनी रहे. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्कूलों में बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन इस तरह के फैसलों से स्थिति उलट रही है. पटेल ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी इस मामले में सक्रिय नहीं हैं. परिणामस्वरूप स्कूलों के खेल मैदानों में अव्यवस्था फैल रही है.