मुख्य बातें:
टेढ़ागाछ (किशनगंज) से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Phulbaria Market Waterlogging: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड से जलजमाव और प्रशासनिक उदासीनता की एक बेहद परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है. सीमावर्ती क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र ‘फुलबरिया बाजार’ की मुख्य व सहायक सड़कें पिछले दो दिनों से जारी मानसूनी बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़मय हो गई हैं. जलनिकासी की मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण पूरा बाजार जलजमाव की चपेट में है. इस नारकीय स्थिति के कारण स्थानीय दुकानदारों, फुटकर विक्रेताओं और खरीदारी करने आने वाले हजारों राहगीरों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.
सड़कों पर बने जानलेवा गड्ढे, रोज गिरकर चोटिल हो रहे राहगीर
जमीनी हकीकत और सड़क की बदहाली से जुड़ी मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. स्थानीय नागरिकों के अनुसार, देखरेख के अभाव में फुलबरिया बाजार की मुख्य सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं.
बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने के कारण चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता. नतीजतन, पिछले 48 घंटों में कई मोटरसाइकिल और साइकिल चालक इन पानी भरे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, वहीं पैदल चलने वाले राहगीरों के कपड़े और सामान कीचड़ से सन रहे हैं. स्थिति इतनी दयनीय है कि लोगों को अपने कपड़े समेटकर और हाथ में चप्पल उठाकर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है.
लाखों के नाले फेल, कीचड़ के बीच सामान बेचने को मजबूर दुकानदार
- कागजी विकास: बाजार में जल निकासी के नाम पर लाखों रुपये की सरकारी लागत से दो-दो बड़े नालों का निर्माण कराया गया था.
- जमीनी हकीकत: नालों की नियमित सफाई न होने और तकनीकी त्रुटि के कारण जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है.
- आर्थिक मार: नाले जाम होने से सड़कों पर जमा गंदा पानी अब दुकानों के मुहाने तक पहुंच गया है. बाजार के फुटकर और गरीब सब्जी विक्रेता इसी बदबूदार कीचड़ के बीच सड़क किनारे बैठकर अपनी दुकानें लगाने और सामान बेचने को विवश हैं, जिससे उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले बाजार के साथ सौतेला व्यवहार
बाजार की बदहाली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए स्थानीय निवासी शुभम तिवारी ने बताया कि फुलबरिया बाजार की स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है. नगर प्रशासन और पंचायत स्तर पर न तो यहां की साफ-सफाई का ख्याल रखा जाता है और न ही जलजमाव से मुक्ति के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. पूरे प्रखंड में सबसे ज्यादा सरकारी राजस्व (टैक्स) इसी बाजार से वसूला जाता है, इसके बावजूद विकास के नाम पर यहां केवल खानापूर्ति और कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है. गंदगी के कारण अब इलाके में मलेरिया और डेंगू जैसे संक्रामक रोगों का खतरा भी मंडराने लगा है.
Phulbaria Market Waterlogging: जिलाधिकारी से गुहार: पंचायत चुनाव से पहले सुधरे व्यवस्था
बाजार की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों—बृज मोहन जैन, रवि सिंह, बिक्की सिंह, मिट्ठू साह, मिथिलेश पासवान, सुनील साह, गंगा साह, संजय साह, अशरफ अली, मोदी महतो, राजा महतो और राजेश कुमार आदि ने सामूहिक रूप से किशनगंज के जिलाधिकारी (DM) को एक मांग पत्र भेजने का निर्णय लिया है.
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स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करे और बाजार की इस बदहाली के लिए जिम्मेदार संवेदकों (ठेकेदारों) और अधिकारियों पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि आगामी पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले हमारी इन मूलभूत समस्याओं का स्थाई समाधान निकाला जाए, अन्यथा स्थानीय स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.
