पौआखाली (किशनगंज). पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय पौआखाली में दो दिन पूर्व छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट और कथित गाली-गलौज की घटना को लेकर सोमवार को विद्यालय परिसर में बैठक आयोजित की गई. बैठक में अभिभावक, शिक्षक तथा सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद थे. इसी दौरान छात्रों के बीच दोबारा तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया.
बैठक के दौरान फिर बनी तनाव की स्थिति
दो दिन पूर्व हुई मारपीट की घटना के बाद विद्यालय परिसर में मामले के समाधान को लेकर बैठक चल रही थी. बैठक में घटना के कारणों और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर चर्चा हो रही थी. इसी दौरान छात्रों के बीच फिर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई.
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल हस्तक्षेप कर छात्रों को अलग किया और स्थिति को बिगड़ने से रोक दिया.
सूचना पर पुलिस पहुंची विद्यालय
मामले की सूचना मिलने पर पौआखाली थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण पुलिस बल के साथ विद्यालय परिसर पहुंचे. उन्होंने मौके पर स्थिति का जायजा लिया. पुलिस की मौजूदगी में भी अभिभावक और अन्य लोग दोनों पक्षों के बीच मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की पहल करते रहे.
बातचीत के बाद दोनों पक्षों में कराया गया समझौता
मामले को शांत कराने की पहल में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कामरान खान, हाफिज साजिद, जरदिश आलम, कांग्रेस नेता प्रदीप सिन्हा, पूर्व मुखिया अजय सिन्हा, विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के करीबी प्रो. विष्णुकांत झा, जदयू नगर अध्यक्ष हबेवुर रहमान, एआईएमआईएम युवा नेता राहिल अख्तर, छात्र युवा नेता आफताब अहमद अलीग, जदयू नेता शमशाद खान तथा पीड़ित छात्र के पिता मुजीब खान समेत अन्य लोग शामिल रहे.
बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया. समझौते के दौरान आरोपी छात्र ने अभिभावकों के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी. इसके बाद उसने पीड़ित छात्रों को गले लगाकर आपसी गिला-शिकवा खत्म करने की पहल की.
छात्रों को विवाद से दूर रहने की दी सलाह
समझौते के बाद मौजूद लोगों ने छात्रों को भविष्य में इस तरह के विवाद से दूर रहने की सलाह दी. उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने और आपसी विवाद की स्थिति में शिक्षकों एवं अभिभावकों के माध्यम से समस्या का समाधान करने के लिए कहा गया.
शनिवार को वायरल हुआ था मारपीट का वीडियो
बताया गया कि शनिवार को विद्यालय परिसर में छात्रों के दो अलग-अलग गुटों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद पीड़ित छात्रों की ओर से पौआखाली थाने में लिखित शिकायत भी दी गई थी. घटना के बाद से ही अभिभावकों में विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही थी. अभिभावकों ने घटना की निंदा करते हुए विद्यालय परिसर में छात्रों के बीच इस तरह की घटना को अनुचित बताया.
छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी की मांग
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने विद्यालय प्रबंधन से छात्रों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने की आवश्यकता जताई. उनका कहना है कि विद्यालय में अनुशासन और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए शिक्षकों को छात्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.
