एसएलआर में सफर को विवश यात्री, 15464 हल्दीबाड़ी-बालूरघाट इंटरसिटी का हाल बेहाल

कोच की संख्या कम और यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें मजबूरी में इस तरह का जोखिम उठाना पड़ता है.

ठाकुरगंज 15464 हल्दीबाड़ी-बालूरघाट इंटरसिटी ट्रेन में यात्रियों की भीड़ और बदहाल व्यवस्था ने रेलवे के दावों की पोल खोल दी है. हालात ऐसे हैं कि सामान्य कोच में जगह नहीं मिलने के कारण लोग एसएलआर (गार्ड कोच) और दरवाजों पर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं. हाल ही में ट्रेन के समय में किए गए बदलाव ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है. खासकर किशनगंज जाने वाले ऑफिस कर्मी, कोर्ट कर्मी और दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. समय पीछे होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है. मंगलवार सुबह सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कई यात्री ट्रेन के गेट और सीढ़ियों तक पर बैठे हुए हैं. यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसी है. चलती ट्रेन में इस तरह यात्रा करना यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है. यात्रियों का कहना है कि यह समस्या अब रोजाना की बन चुकी है. कोच की संख्या कम और यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें मजबूरी में इस तरह का जोखिम उठाना पड़ता है. बावजूद इसके रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि इस रूट पर अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं, ट्रेन की टाइमिंग पर पुनर्विचार किया जाए और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके.

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By AWADHESH KUMAR

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