पोठिया प्रखंड स्थित डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबारी में गुरुवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा 'वित्तीय साक्षरता एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी' पर एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) बोधगया के अकादमिक सहयोग से किया गया, जिसमें कॉलेज के छात्र-छात्राओं को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और साइबर सुरक्षा की बारीकियों से अवगत कराया गया.
अधिक लाभ के प्रलोभन से बचें, समझदारी से करें निवेश: डॉ. के. सत्यनारायण
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता (डीन) डॉ. के. सत्यनारायण ने की. उन्होंने आज के डिजिटल युग में इस कार्यशाला की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में वित्तीय साक्षरता केवल एक कौशल नहीं, बल्कि हर नागरिक की बुनियादी जरूरत बन गई है.
"बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के बीच युवाओं, विशेषकर छात्रों को धन प्रबंधन (Money Management), सुरक्षित निवेश और दीर्घकालिक वित्तीय नियोजन (Financial Planning) की सही जानकारी होना अनिवार्य है. किसी भी वित्तीय स्कीम में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक पृष्ठभूमि की पूरी जांच कर लें. रातों-रात अमीर बनने या अत्यधिक लाभ के प्रलोभन में आकर अपनी गाढ़ी कमाई को धोखाधड़ी का शिकार न बनने दें." | — डॉ. के. सत्यनारायण, सह-अधिष्ठाता, डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय
आईआईएम बोधगया के विशेषज्ञ ने दिए डिजिटल सुरक्षा के मंत्र
कार्यशाला के मुख्य तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आईआईएम (IIM) बोधगया के वित्तीय विशेषज्ञ महीन मित्रा ने छात्रों को जागरूक किया. उन्होंने ब्लैकबोर्ड और व्यवहारिक उदाहरणों के जरिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की:
- म्युचुअल फंड और शेयर बाजार: बाजार की बुनियादी कार्यप्रणाली और सेबी (SEBI) द्वारा निवेशकों को दिए गए कानूनी अधिकारों व सुरक्षा चक्र की विस्तृत जानकारी दी.
- साइबर फ्रॉड से बचाव: डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि अपना ओटीपी (OTP), नेट बैंकिंग पासवर्ड, यूपीआई पिन (UPI PIN) या बैंक से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें.
- अधिकृत प्लेटफॉर्म: किसी भी प्रकार के निवेश या ट्रेडिंग के लिए केवल सेबी द्वारा प्रमाणित और अधिकृत वित्तीय प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप्स का ही उपयोग करें.
प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने शांत की जिज्ञासा
व्याख्यान के बाद एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने निवेश की शुरुआत करने, शेयर बाजार के जोखिमों और साइबर ठगी का शिकार होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रियाओं से जुड़े कई तीखे सवाल पूछे. विशेषज्ञों ने बेहद सरल और तकनीकी तर्कों के साथ छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया.
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:
इस जागरूकता महा-अभियान के अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. महेश कुमार, मनीष कुमार, डॉ. आरती शर्मा, डॉ. श्वेता कुमारी सहित कॉलेज के सभी संकाय सदस्य, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. कॉलेज प्रबंधन ने भविष्य में भी छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे व्यावहारिक आयोजन जारी रखने की बात कही है.
