तैयबपुर हॉल्ट से इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव हटाने पर बढ़ा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

तैयबपुर हॉल्ट से इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव हटाने पर बढ़ा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

27 अप्रैल से बंद हो जाएगा ठहराव, एक लाख की आबादी प्रभावित, रेल मंत्री को भेजा गया पत्र

पहाड़कट्टा. एनएफ रेलवे के कटिहार रेलमंडल अंतर्गत अलुवाबाड़ी रोड-सिलिगुड़ी रेलखंड पर स्थित तैयबपुर हॉल्ट रेलवे स्टेशन से हल्दीबाड़ी-बालूरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस (15464/15463) का ठहराव आगामी 27 अप्रैल से हटाने के निर्णय ने स्थानीय रेल यात्रियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है. रेलवे द्वारा जारी नई समय-सारणी में इस स्टेशन से ठहराव समाप्त किए जाने को स्थानीय लोगों ने ”अन्यायपूर्ण” और ”मनमाना” फैसला बताया है.

बड़ी आबादी के लिए लाइफलाइन है यह ट्रेन

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों के पत्राचार व जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयास के बाद महज छह महीने पहले ही इस ट्रेन का ठहराव तैयबपुर में शुरू हुआ था. इस ठहराव से पोठिया प्रखंड की नौ पंचायतों (कोलथा, भोटाथाना, छत्तरगाछ, बूढ़नई, सारोगारा, कास्बाकलियागंज, फाला, डुबानोची व मिर्जापुर) और ठाकुरगंज प्रखंड की दो-तीन पंचायतों की लगभग एक लाख की आबादी को किशनगंज जिला मुख्यालय, कोर्ट-कचहरी, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों तक जाने में बड़ी सुविधा मिल रही थी.

राजस्व की वृद्धि के बावजूद फैसला समझ से परे

तैयबपुर रेल संघर्ष समिति के सचिव सह जिला परिषद सदस्य निरंजन राय ने बताया कि जब से बालूरघाट इंटरसिटी का ठहराव शुरू हुआ है, तब से रेलवे को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ट्रेन संख्या 15463/15464 का ठहराव पूर्व की भांति यथावत नहीं रखा गया, तो आक्रोशित जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी.

अधिकारियों के फैसले पर सवाल

जिला 40 सूत्री सदस्य संजय उपाध्याय ने इस फैसले को जल्दबाजी में लिया गया गलत निर्णय बताया है. उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के ठहराव रद्द करने से छात्रों, गंभीर मरीजों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ेगी.

रेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग

ठहराव बरकरार रखने की मांग को लेकर तैयबपुर रेल संघर्ष समिति ने भारत सरकार के रेल मंत्री और जीएम (पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, मालीगांव) को पत्र लिखा है. ग्रामीणों ने एक सुर में मांग की है कि रेल प्रशासन जनहित को ध्यान में रखते हुए अपने इस फैसले को तुरंत वापस ले.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >