जनवरी से अब तक जिले में मिले कुल 05 मलेरिया मरीज

स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

25 अप्रैल को मनाया जाएगा विश्व मलेरिया दिवस

-ड्रिवेन टू एंड मलेरिया: नाउ वी कैन. नाउ वी मस्ट.” है इस वर्ष की थीम

किशनगंज

मलेरिया एक जानलेवा संक्रामक रोग है, जो मच्छरों के माध्यम से फैलता है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है. हर वर्ष हजारों लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि सही जानकारी, समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से इस रोग से पूरी तरह बचाव संभव है. इसी उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा सके और बीमारी के उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयास तेज हो.जिले में भी राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के निर्देशानुसार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाएगा. इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस वर्ष की थीम “ड्रिवेन टू एंड मलेरिया: नाउ वी कैन. नाउ वी मस्ट.” रखी गई है, जो मलेरिया उन्मूलन के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाती है.

जिले में स्थिति नियंत्रण में, सतर्कता जरूरी

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मंजर आलम ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 05 मलेरिया के मरीज चिन्हित किए गए हैं. यह संख्या भले ही कम है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर पूरी तरह सतर्क है. अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच, उपचार और रोकथाम के उपायों के कारण जिले में मलेरिया पर नियंत्रण बना हुआ है.भारत सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिला भी इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. नियमित सर्विलांस, घर-घर जांच, और जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर मलेरिया के मामलों को लगातार कम किया जा रहा है.

व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

डॉ मंजर आलम ने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इसमें वाल पेंटिंग, जागरूकता रैली, स्कूलों एवं समुदाय स्तर पर बैठकें, तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी का प्रसार शामिल है. आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी देंगे.

बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने मलेरिया से बचाव के लिए कुछ सरल उपाय बेहद कारगर हैं, जैसे – सोते समय मच्छरदानी का उपयोग, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना, पूरी बांह के कपड़े पहनना, तथा बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे मलेरिया के प्रति सजग रहें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें. जागरूकता और सामूहिक प्रयास से ही इस गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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