-सड़क नहीं होने से गांव से कई ग्रामीण कर चुके हैं पलायन गलगलिया आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के बावजूद भी आज तक बेसरवाटी पंचायत के वार्ड संख्या चार में आदिवासी टोला में विकास की किरण नहीं पहुंच पायी है. जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है. सभी ग्रामीणों ने इस बार के विधानसभा चुनाव में सभी मतदान के बहिष्कार करने का मन बना लिया है. सभी ग्रामीणों का कहना है कि हम सभी को सड़क नहीं तो इस बार वोट नहीं. 25 परिवारों में लगभग 300 लोग मैलानी आदिवासी टोला में करते हैं. लेकिन मुख्य सड़क से जोड़ने वाली संपर्क पथ नहीं होने के कारण चार से पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर मुख्य सड़क तक जाना पड़ता है. बरसात के समय इन सभी ग्रामीणों को लगभग सात आठ किलोमीटर यात्रा कर में रोड बदला चौक पहुंचते हैं. इस इस संदर्भ में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बीडीओ ठाकुरगंज के नाम एक लिखित आवेदन दिया है. आवेदन में अपनी समस्या बताते हुये कहा कि सड़क नहीं बनने के कारण कई परिवार इस गांव से पलायन कर दूसरे गांव में चले गए . हम सभी आदिवासी समुदाय के लोग है. चाह कर भी दूसरे जगह नहीं जा सकते क्योंकि सारा कुछ खेती बारी सबकुछ हमारा इसी गांव में है .आदिवासी गांव होने के कारण होना सड़क सुविधा से आज तक वंचित रखा गया है. इन संदर्भ में बेसरवाटी पंचायत की मुखिया अनुपमा देवी ने बताया कि उक्त सड़क को मनरेगा योजना में लिया गया है. बरसात के बाद उपसर्ग का निर्माण कार्य करवाया जाएगा लेकिन बीच में छोटी नदी होने के कारण दो बड़े-बड़े कलवर्ट का भी निर्माण कार्य करवाया जाएगा. पूर्व सरपंच सुनील सहनी ने कहा कि ग्रामीणों की लंबी मांग थी हमारे कार्यकाल में भी इन लोगों को सड़क नहीं बन पाया था क्योंकि यह कार्य पंचायत के विकास का है. तो इसमें मुखिया एवं वार्ड सदस्य का रोल अहम हो जाता है.
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