पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
पौआखाली : नगर बाजार में लाखों रुपये की लागत से कराए गए नाला निर्माण कार्य के बाद निर्माण एजेंसी की लापरवाही स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है. निर्माण कार्य पूरा हुए दो से तीन सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन मध्य विद्यालय पौआखाली के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने अब भी चिकनी मिट्टी और कीचड़ का ढेर पड़ा हुआ है. इससे प्रतिदिन विद्यालय आने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को परेशानी के साथ हादसे का भी खतरा बना हुआ है.
मुख्य द्वार पर हर दिन बना रहता है खतरा
विद्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार सीधे व्यस्त मुख्य सड़क से जुड़ा है. दिनभर इस सड़क से छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में छात्र-छात्राएं और शिक्षक कीचड़ और फिसलन वाले रास्ते से होकर विद्यालय में प्रवेश करने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की सी चूक भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. बारिश होने पर स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है.
निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तो कार्यस्थल की सफाई और मिट्टी हटाने का काम क्यों नहीं किया गया. उनका कहना है कि सरकारी निर्माण कार्य केवल ढांचा तैयार करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है. इस लापरवाही ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
कई दिनों से बनी है समस्या, नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय के सामने यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन न तो संवेदक ने कोई पहल की और न ही संबंधित विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराया. इससे स्कूली बच्चों और शिक्षकों में भी चिंता का माहौल है.
कार्रवाई और सुरक्षित रास्ता बनाने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय के मुख्य द्वार से तत्काल कीचड़ और मिट्टी हटाकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराया जाए. साथ ही निर्माण एजेंसी की लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ और कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संवेदक और निगरानी करने वाले विभागीय अधिकारियों की होगी.
