मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक पूरे जिले में मॉनसून की सक्रियता बनी रहेगी. रविवार को किशनगंज का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि, हवा में नमी की अत्यधिक मात्रा के कारण बारिश के बीच-बीच में लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है.
प्रखंड वार मौसम का ताजा पूर्वानुमान:
1. ठाकुरगंज और पोठिया: 99% बारिश के साथ खरीफ फसलों को लाभ
- ठाकुरगंज: आज यहाँ 99 प्रतिशत वर्षा की संभावना है. सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और दोपहर के बाद कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.
- पोठिया: इस प्रखंड में भी 99 प्रतिशत बारिश की उम्मीद है. दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच अच्छी वर्षा होने का अनुमान है, जो धान उत्पादक किसानों और खरीफ फसलों के लिए बेहद गुणकारी साबित होगी.
2. दिघलबैंक: भारी बारिश की सबसे अधिक संभावना
दिघलबैंक प्रखंड में आज 99 प्रतिशत वर्षा की संभावना जताई गई है. सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज और भारी बारिश भी हो सकती है. मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने स्थानीय किसानों को अपने खेतों में जल निकासी (ड्रेनेज) की उचित व्यवस्था बनाए रखने की विशेष सलाह दी है.
3. कोचाधामन और किशनगंज सदर: 98% वर्षा के संकेत, जलभराव का खतरा
- कोचाधामन: यहाँ 98 प्रतिशत बारिश की संभावना है. सुबह से ही रिमझिम फुहारों का दौर शुरू हो सकता है, जो दोपहर तक जारी रहने के आसार हैं. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है.
- किशनगंज सदर: जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में भी 98 प्रतिशत वर्षा का अनुमान है. पूरे दिन आसमान बादलों से घिरा रहेगा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहेगा.
4. टेढ़ागाछ: अन्य प्रखंडों से कम, फिर भी अच्छे आसार
टेढ़ागाछ प्रखंड में अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ी कम, यानी 80 प्रतिशत वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है. यहाँ भी सुबह से बादल छाए रहने और दिन के किसी भी समय हल्की से मध्यम बारिश होने के अच्छे आसार हैं. तापमान यहाँ भी 27 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा.
मौसम विभाग की आम जन और किसानों से अपील
सक्रिय मॉनसून को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों और निचले क्षेत्रों में आवागमन करते समय विशेष सावधानी बरतें. वहीं, किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की इस अनवरत बदलती स्थिति और दैनिक पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही खेतों में खाद का छिड़काव या अन्य कृषि कार्य करें.
