ठाकुरगंज में आजादी का जश्न बना खास: 12 दिव्यांगों को मिली बैटरी वाली साइकिल, 250 गरीबों को मिला बासगीत पर्चा

ठाकुरगंज प्रखंड में स्वतंत्रता दिवस का समारोह विशेष रहा, जहाँ 12 दिव्यांगों को आत्मनिर्भरता के लिए बैटरी चालित साइकिलें और 250 गरीब परिवारों को पक्के घर के सपने को साकार करने के लिए बासगीत पर्चे प्रदान किए गए. यह आयोजन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के जीवन में बदलाव की एक नई किरण लेकर आया.

ठाकुरगंज प्रखंड मुख्यालय में 15 अगस्त के मौके पर स्वतंत्रता दिवस का समारोह उस समय और भी भावुक और यादगार बन गया, जब राष्ट्रभक्ति के उत्सव के बीच जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ सौंपा गया. समारोह के दौरान ठाकुरगंज विधायक गोपाल अग्रवाल ने 12 दिव्यांग लाभुकों को बैटरी चालित स्वचालित तीन पहिया साइकिल प्रदान की, वहीं 250 गरीब परिवारों को आवास निर्माण के लिए 'बासगीत पर्चा' (जमीन का कागजात) वितरित किया.

दिव्यांगों के लिए बैटरी चालित साइकिल बनी आत्मनिर्भरता का सहारा

योजना का लाभ मिलते ही 12 दिव्यांग लाभुकों के चेहरों पर खुशी की स्पष्ट लहर दौड़ गई. रोजमर्रा की आवाजाही के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाले इन लोगों के लिए यह स्वचालित तीन पहिया साइकिल महज एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया एक बड़ा कदम है. साइकिल की चाबी हाथ में आते ही अब इनके पास अपने सफर को खुद तय करने का एक सशक्त और स्वतंत्र साधन आ गया है.

प्रखंड मुख्यालय में आयोजीत कार्यक्रम के दौरान लाभुक | Prabhat Khabar Network

250 गरीब परिवारों के अपने 'आशियाने' का सपना हुआ साकार

दूसरी ओर, लंबे समय से अपने पक्के घर के लिए जमीन की आस लगाए बैठे 250 गरीब परिवारों के हाथों में जैसे ही बासगीत पर्चा पहुंचा, उनके लिए यह पल किसी बड़ी सौगात से कम नहीं था. जमीन का यह पर्चा मिलते ही इन भूमिहीन परिवारों के लिए अपने घर की नींव रखने का वर्षों पुराना सपना और रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है.

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर आयोजित इस खास कार्यक्रम में अंचलाधिकारी (CO) मृत्युंजय कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आशीष कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. इन सभी की गरिमामयी उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ लाभुकों को योजनाओं का लाभ सौंपा गया.

जीवन में बदलाव की उम्मीद: ठाकुरगंज प्रखंड मुख्यालय का यह आयोजन इसलिए भी बेहद खास रहा, क्योंकि तिरंगे के नीचे सिर्फ राष्ट्रभक्ति का उत्सव नहीं मनाया गया, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के जीवन में बदलाव की नई उम्मीद भी जगाई गई. 262 लाभुक परिवारों के लिए 15 अगस्त का यह दिन शायद लंबे समय तक याद रहेगा—जहां किसी के हाथ में चलने का सहारा था, तो किसी के हाथ में अपने पक्के आशियाने की चाबी.


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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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