किशनगंज जिले के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत डोंक नदी के सातमेढ़ी घाट पर दोस्तों के साथ नहाने के दौरान डूबे जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव रविवार को 24 घंटे के कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया. एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने घटनास्थल से लगभग 5 किलोमीटर दूर सिंघीमारी घाट के समीप नदी से शव को रेस्क्यू कर बाहर निकाला. शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार और मातम छा गया.
शनिवार दोपहर दोस्तों के साथ नहाते समय हुआ हादसा
मृतक कुशल सुब्बा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनल में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. शनिवार की दोपहर वे अपने 9 दोस्तों के साथ पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के डोंक नदी स्थित सातमेढ़ी पुल के नीचे नहाने पहुंचे थे. नहाने के क्रम में तेज बहाव और नदी की अत्यधिक गहराई के कारण वे अपना संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में समा गए. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार शाम तक खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका था.
5 किमी दूर मिला शव, 8 महीने पहले लगी थी नौकरी
रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने नदी के बहाव की दिशा में दोबारा व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया. करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सिंघीमारी घाट के पास से कुशल सुब्बा के शव को ढूंढ निकाला. घाट पर मौजूद मृतक के पिता आई कबीर, मां बिना सुब्बा और भाई कुणाल सुब्बा ने शव की पहचान की. परिजनों ने बताया कि महज 8 माह पूर्व ही कुशल की बहाली हुई थी. होनहार बेटे की असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना के बाद पहाड़कट्टा थाना पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, किशनगंज भेज दिया है.
प्रशासनिक अपील: मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता-घटता है और गहराई का सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. पुलिस व प्रशासन ने आम नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे उफनती नदियों और अनजान घाटों पर नहाने से बचें.
