पुआल के ढेरों में भीषण अगलगी, छह किसानों की मेहनत राख
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पुआल के ढेरों में भीषण अगलगी, छह किसानों की मेहनत राख
पोठिया व पहाड़कट्टा से पहुंचीं दमकल की तीन गाड़ियां, देर रात मची अफरा-तफरी
पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड की उदगारा पंचायत अंतर्गत झारबाड़ी गांव (वार्ड संख्या-पांच) में शुक्रवार की देर रात पुआल के ढेरों में अचानक आग लग जाने से हड़कंप मच गया. आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते इसने छह भाइयों के पुआल के ढेरों को अपनी चपेट में ले लिया. गनीमत रही कि सूचना मिलते ही पोठिया व पहाड़कट्टा थाना से दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गयी, जिससे आग पर काबू पाया जा सका और बड़ी घटना टल गयी. इस अगलगी में नसीरुद्दीन, हसीरुद्दीन, तालीम, गुलाम रब्बानी, रशीद आलम व मो कैयुम (सभी पिता उस्मान अली) के पुआल जलकर राख हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, सबसे पहले नसीरूद्दीन के पुआल के ढेर में आग लगी थी, जिसने पास में रखे अन्य भाइयों के ढेरों को भी अपनी जद में ले लिया. ग्रामीणों ने शुरुआत में अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि सफलता नहीं मिली. शनिवार की सुबह तक दमकल कर्मियों ने पूरी तरह आग पर काबू पाया. पीड़ित नसीरुद्दीन ने बताया कि यह पुआल उनके साल भर के गुजर-बसर का सहारा था. वे इसे अपने मवेशियों को खिलाते थे और जरूरत पड़ने पर बेचकर घर का खर्च चलाते थे. अब न तो मवेशियों के लिए चारा बचा है और न ही बेचने के लिए कुछ रहा. सब कुछ जलकर खाक होने से पीड़ित परिवार बेहद चिंतित और परेशान हैं. घटना की सूचना के बाद शनिवार को अंचल कार्यालय पोठिया से राजस्व कर्मचारी मो इद्रीश झारबाड़ी गांव पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया. जांच के बाद उन्होंने बताया कि इस घटना में मुख्य रूप से पुआल जलकर नष्ट हुआ है, जबकि आवासीय मकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट अंचल कार्यालय को सौंपी जा रही है ताकि नियमानुसार सहायता की जा सके.
अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.