-कांग्रेस ने एक और राजद ने दो सीटिंग विधायकों का काटा टिकट. किशनगंज जिले के चार में से तीन विधानसभा क्षेत्रों के सिटिंग विधायकों की छुट्टी हो गई है. पार्टियों ने इन सभी को बेटिकट कर दिया है. सिर्फ ठाकुरगंज के राजद विधायक सऊद असरार नदवी ही अपनी टिकट बचा पाएं हैं क्योंकि वो शुरू से ही राजद में हैं पिछला चुनाव भी राजद के टिकट पर जीत कर विधानसभा पहुंचे थे. वहीं अन्य तीनों सीट की परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गयी है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाला सीट किशनगंज सदर विधानसभा सीट हैं जहां से कांग्रेस के सिटिंग विधायक मो इजहारुल हुसैन को पार्टी ने बेटिकट कर अभी हाल ही में राजद से आकर कांग्रेस ज्वाइन करने वाले मो कमरुल होदा को अपना उम्मीदवार बनाया है. जबकि कोचाधामन और बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र की स्थिति तो और चौंकाने वाला है.असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने साल 2020 के चुनाव कोचाधामन से मो.इजहार अशफी को और बहादुरगंज से मो.अंजार नईमी को मैदान में उतारा और दोनों जीत कर विधानसभा में भी पहुंच गयी . लेकिन लंबी राजनीतिक कैरियर को लेकर दोनों ने राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए और अब स्थिति यह है कि बहादुरगंज सीट महागठबंधन के कोटे में कांग्रेस को चली गई है जहां से कांग्रेस के टिकट पर प्रो.मस्सविर आलम मैदान में उतर रहें हैं वहीं कोचाधामन में सिटिंग विधायक मो.इजहार अशफी का टिकट काटकर जेडीयू से अभी हाल ही में राजद ज्वाइन करने वाले पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.ऐसे में इन तीनों सीटों पर चुनाव गणित और समीकरण में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है.ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बेटिकट हुए उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में ताल ठोक सकते हैं.आज सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन और शाम तक पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी की बेटिकट हुए विधायक पार्टी के फैसले के साथ रहते हैं या बागी बनकर मैदान में उतरेंगे.वैसे संभावना यह भी जताई जा रही है कि बहादुरगंज में महागठबंधन फ्रेंडली फाइट भी कर सकती है.
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