पत्नी की हत्या मामले में आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा

बहादुरगंज थाना क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व हुई थी महिला की हत्या

एडीजे प्रथम ने सुनायी सजा

किशनगंज. बहादुरगंज थाना क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम सुरेश कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. न्यायालय ने महिला के पति मोहन लाल सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनायी. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में एक माह अतिरिक्त साधारण कारावास काटने का आदेश भी दिया गया है. मामला बहादुरगंज थाना कांड संख्या 307/2022 सत्रवाद संख्या 88/2023 से जुड़ा है. अदालत में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साहा ने सजा के बिंदु पर जोरदार जिरह करते हुए अपना पक्ष रखा और अदालत को साक्ष्य मुहैया करवाया. इसके आधार पर सजा सुनायी गयी. अभियोजन के अनुसार, मृतका सुरमिला देवी की शादी घटना से करीब छह वर्ष पूर्व बनबारी, भाटाबारी बहादुरगंज निवासी आरोपित मोहन लाल सिंह से हुई थी. महिला काे डेढ़ वर्ष का एक पुत्र भी था. इसके बावजूद पति सुरमिला देवी को लगातार प्रताड़ित कर रहा था. 19 नवंबर 2022 की रात मोहन लाल सिंह ने सुरमिला देवी की गला काटकर हत्या कर दी थी और शव को घर के पास कच्ची सड़क पर फेंक दिया था. घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे थे, जहां सुरमिला देवी का खून से लथपथ शव मिला था. इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर मोहन लाल सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया. अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी. न्यायालय के आदेश के बाद दोषी को किशनगंज जेल भेज दिया गया है. इस फैसले से मृतक महिला के परिजनों ने न्याय मिलने की बात कही.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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