ठाकुरगंज : कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां अब धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं. पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने चुनावी प्रचार की शुरुआत करते हुए शिक्षा, रोजगार, किसान, अधिवक्ता और पेंशन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के साथ-साथ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार करने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किये.
मतदाता सूची में पात्र स्नातकों को जोड़ने पर उठाया सवाल
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव तो कराया जाता है, लेकिन मतदाता सूची तैयार करने के मामले में व्यवस्था को और व्यापक बनाने की जरूरत है. उनका कहना है कि सामान्य चुनावों की तरह यहां बीएलओ के माध्यम से पात्र स्नातकों को मतदाता सूची में जोड़ने की व्यवस्था नहीं है.
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता से ही बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़ पाते हैं. ऐसे में जो पात्र स्नातक किसी प्रत्याशी या उसके समर्थकों के संपर्क में नहीं होते, उनके मतदाता सूची से बाहर रह जाने की आशंका बनी रहती है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे मुख्य मुद्दे
मतदाता सूची : पात्र स्नातकों को अधिक से अधिक जोड़ने की व्यवस्था की मांग. पंजीकरण प्रक्रिया : इसे सरल, व्यापक और व्यवस्थित बनाने पर जोर. शिक्षा : शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा. रोजगार : युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग. किसान : भंडारण और सिंचाई की बेहतर सुविधा का मुद्दा. अधिवक्ता : एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग. पेंशन : पुरानी पेंशन योजना को प्रमुख मुद्दा बनाने की बात.
हर चुनाव में नयी सूची तैयार होने पर भी सवाल
मनोज सिंह ने प्रत्येक चुनाव में नयी मतदाता सूची तैयार किये जाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि 14 जिलों में फैले कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 1 लाख 33 हजार मतदाता हैं, जबकि पात्र स्नातकों की संख्या इससे काफी अधिक है.
उनका कहना है कि यदि बीएलओ के माध्यम से पात्र स्नातकों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने की व्यवस्थित व्यवस्था की जाये, तो निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ सकती है.
शिक्षा से लेकर पेंशन तक मुद्दों को बनाया आधार
चुनावी प्रचार की शुरुआत के दौरान मनोज कुमार सिंह ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार को प्रमुख मुद्दा बताया. इसके साथ ही शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में सुधार, किसानों के लिए भंडारण और सिंचाई की सुविधा, अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तथा पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दों को भी सामने रखा.
उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अधिक से अधिक पात्र स्नातकों की भागीदारी वाला होना चाहिए. इसके लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान और व्यापक बनाने की जरूरत है.
मतदाता सूची का मुद्दा बना चुनावी बहस का हिस्सा
चुनावी प्रचार की शुरुआत के साथ ही मनोज सिंह ने मतदाता सूची की प्रक्रिया को प्रमुख मुद्दा बनाकर कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी बहस की शुरुआत कर दी है. आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार, किसान, अधिवक्ता और पेंशन से जुड़े मुद्दों के साथ मतदाता सूची में अधिक से अधिक पात्र स्नातकों को शामिल करने का सवाल भी चुनावी चर्चा में अहम हो सकता है.
