मानसून की सुस्ती से बढ़ी किसानों की चिंता, ठाकुरगंज व पोठिया में आज 36 डिग्री तक पहुंचेगा पारा

Kishanganj Weather Update: किशनगंज जिले में मानसून की बेरुखी और तेज धूप ने खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की खेती पर संकट खड़ा कर दिया है. उमस और झुलसाने वाली गर्मी के बीच खेतों की नमी गायब हो रही है, जिससे रोपनी का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट

Kishanganj Weather Update: सीमांचल के प्रमुख धान उत्पादक जिलों में शुमार किशनगंज में मानसून की धीमी रफ्तार ने अन्नदाताओं (किसानों) के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. लगातार पर्याप्त बारिश नहीं होने और आसमान से बरसती आग के कारण जिले के कई हिस्सों में खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है. शुक्रवार (03 जुलाई 2026) की सुबह जिले में अत्यधिक उमस और ‘स्मोकी हेज’ (धुंध व धुएं का मिश्रण) के साथ हुई. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर भारी मानसूनी बारिश नहीं हुई, तो धान की रोपनी का लक्ष्य पूरी तरह पिछड़ सकता है.

टेढ़ागाछ सुबह से रहा सबसे गर्म; दोपहर में बढ़ेगी तपिश

  • सुबह का तापमान: शुक्रवार की सुबह करीब 07:00 बजे किशनगंज सदर, ठाकुरगंज, बहादुरगंज, पोठिया, कोचाधामन और दिघलबैंक में न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, टेढ़ागाछ प्रखंड 29.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सुबह के समय ही जिले का सबसे गर्म इलाका रिकॉर्ड किया गया.
  • प्रखंडवार अधिकतम तापमान का अनुमान: मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दोपहर के समय ठाकुरगंज और पोठिया जिले के सबसे गर्म पॉकेट रहेंगे, जहां पारा 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. इसके अलावा किशनगंज सदर व कोचाधामन में 33 डिग्री और बहादुरगंज, दिघलबैंक व टेढ़ागाछ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
  • ‘रियल फील’ होगा अधिक: हवा में आर्द्रता (नमी) का स्तर काफी ऊंचा होने के कारण दोपहर में हीट इंडेक्स बढ़ेगा, जिससे लोगों को वास्तविक तापमान से 4 से 5 डिग्री अधिक यानी करीब 40 डिग्री जैसी भीषण गर्मी का एहसास होगा.

खेतों में दरारें, आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं किसान

किशनगंज के मैदानी इलाकों में धान के बिचड़े (पौध) तैयार हैं, लेकिन पानी के अभाव में खेतों की मिट्टी सख्त हो रही है. जिन संपन्न किसानों ने पंपसेट या निजी नलकूपों के सहारे जैसे-तैसे धान की रोपनी कर भी ली है, उनके खेत अब पानी सूखने के कारण सूख रहे हैं. सिंचाई की भारी लागत के कारण छोटे और सीमांत किसान पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर हैं और भगवान इंद्र से अच्छी वृष्टि (बारिश) के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं.

भीषण गर्मी को लेकर डॉक्टरों की एडवायजरी: 11 से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें

मौसम के इस बदले मिजाज और लू जैसे हालातों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य एडवायजरी (Health Advisory) जारी की है.

  • इनके लिए अधिक खतरा: सदर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि अत्यधिक उमस के कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को दोपहर 11:00 बजे से 03:00 बजे के बीच अनावश्यक रूप से कड़कती धूप में बाहर नहीं निकलना चाहिए.
  • बचाव के उपाय: बाहर निकलते समय सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS) का घोल या नींबू पानी का सेवन करते रहें.

Kishanganj Weather Update: शाम को आंशिक राहत के आसार, पर व्यापक बारिश के संकेत नहीं

मौसम पूर्वानुमान विंग के अनुसार, शुक्रवार की देर शाम या रात्रि को आसमान में स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिसके प्रभाव से गरज-चमक के साथ कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या आंशिक बौछारें पड़ने की संभावना है. हालांकि, इस हल्की राहत से खेतों की प्यास बुझना नामुमकिन है. किसानों की उम्मीदें अब बंगाल की खाड़ी में बनने वाले किसी नए कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) पर टिकी हैं, जिससे मानसून को दोबारा बल मिल सके और धान की खेतों में हरियाली लौट सके.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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