किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Kishanganj Weather: किशनगंज जिले सहित आसपास के सीमांचल प्रक्षेत्र में सोमवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. सुबह की शुरुआत सूर्य देव के तल्ख तेवरों और हवा में भारी नमी के कारण उमस भरी गर्मी के साथ हुई. किशनगंज शहर, ठाकुरगंज एवं बहादुरगंज प्रक्षेत्र में सुबह 07:00 बजे से ही चिलचिलाती धूप निकल आई, जिससे आम जनजीवन पसीने से तरबतर होने लगा. सुबह के वक्त ही पारा 26°C से 30°C के बीच संधारित किया गया. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोपहर बाद मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह करवट ले सकता है और गरज के साथ फुहारें गिरने से लोगों को इस तपिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
बहादुरगंज में सबसे ज्यादा तपिश, 37 डिग्री तक चढ़ेगा पारा
- बहादुरगंज में सर्वाधिक गर्मी: मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, दिन चढ़ने के साथ ही धूप और तीखी होगी. सोमवार को बहादुरगंज में अधिकतम तापमान 37°C, किशनगंज जिला मुख्यालय में 35°C तथा ठाकुरगंज प्रक्षेत्र में 34°C तक पहुंचने की संभावना है.
- चिपचिपी उमस का कारण: मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही हवाओं के कारण वातावरण में नमी (आद्रता) का स्तर काफी अधिक है, जिसके चलते वास्तविक तापमान की तुलना में लोगों को कहीं अधिक उमस और बेचैनी का अहसास हो रहा है.
“दोपहर बाद आसमान में काले बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी. जिले के कई हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात की कड़ियों के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश होने की प्रबल संभावना है. आगामी तीन-चार दिनों तक क्षेत्र में रुक-रुक कर प्री-मानसून और मानसूनी बौछारें पड़ने के संकेत हैं.” — मौसम वैज्ञानिक
दोपहर बाद बरसेंगे बदरा; अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश के संकेत
किसानों को कृषि कार्यों में सावधानी और डॉक्टरों की संबल सलाह
मौसम के इस संभावित बदलाव और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की आशंका को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने स्थानीय किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और मेघ गर्जन के समय ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी है.
दूसरी ओर, सदर अस्पताल के मुख्य कप्तानों (चिकित्सकों) ने बदलते मौसम के इस दौर में आम जनता से अपील की है कि वे दोपहर के समय तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नीबू पानी का सेवन करते रहें. डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में खान-पान के प्रति जरा सी लापरवाही डायरिया और वायरल बुखार की कड़ियों को न्योता दे सकती है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष संभल रखना बेहद जरूरी है.
