सीमांचल में फिर गहराया बाढ़ का संकट! ठाकुरगंज, पोठिया, बहादुरगंज और दिघलबैंक में मौसम विभाग का अलर्ट

सीमांचल क्षेत्र में मानसून की सक्रियता से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. ठाकुरगंज, पोठिया, बहादुरगंज और दिघलबैंक प्रखंडों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रशासनिक और जन-सामान्य की चिंता बढ़ गई है. किशनगंज जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है.

सीमांचल क्षेत्र में मानसून की सक्रियता एक बार फिर तेजी से बढ़ती दिख रही है. सोमवार की सुबह सामने आए मौसम के आंकड़ों ने खासकर किशनगंज जिले के बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक और जन-सामान्य की चिंता बढ़ा दी है. मौसम ऐप एवं पूर्वानुमान ट्रैकर पर ठाकुरगंज, पोठिया, बहादुरगंज और दिघलबैंक प्रखंडों में बाढ़ जैसी स्थिति (“Flood situation near…”) का अलर्ट प्रदर्शित हो रहा है. वहीं किशनगंज सदर, कोचाधामन और टेढ़ागाछ में आसमान पूरी तरह काले बादलों से ढका हुआ है.

सोमवार सुबह करीब 07:49 बजे ठाकुरगंज में तापमान 29°C दर्ज किया गया. दिन का अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने का अनुमान है. किशनगंज सदर में भी सुबह का तापमान 29°C रहा, लेकिन हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण वास्तविक अहसास (Real Feel Heat Index) 36°C तक महसूस किया जा रहा है.

ठाकुरगंज में आर्द्रता 97% पर, दिन में झमाझम बारिश के आसार

ठाकुरगंज मौसम प्रेक्षण केंद्र (Observation Center) के अनुसार, सुबह वातावरण में आर्द्रता का स्तर 97 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि 2.4 किमी/घंटे की रफ्तार से उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रही थीं. हालांकि सुबह के वक्त बारिश शून्य मिमी (0.0 mm) रही, लेकिन अत्यधिक नमी और घने बादलों के कारण खतरा लगातार बना हुआ है. मौसम विभाग के प्रति घंटा (Hourly) पूर्वानुमान के अनुसार, सुबह 8 बजे 55% और 9 बजे 60% तक वर्षा होने की प्रबल संभावना जताई गई है. इसके बाद दोपहर तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.

रेड अलर्ट मोड में 4 प्रखंड: अलर्ट का क्या है अर्थ?

मौसम स्क्रीन पर ठाकुरगंज, पोठिया, बहादुरगंज और दिघलबैंक को लाल चेतावनी संकेत (Red Alert) में दिखाया गया है. सीमावर्ती व निचले इलाकों में लगातार बारिश होने की सूरत में स्थानीय नदियों और धारों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.

प्रशासनिक व जन-सावधानी: मौसम ऐप पर दिखाई दे रहा यह अलर्ट कोई आधिकारिक बाढ़ घोषणा नहीं, बल्कि संभावित जोखिम और जलजमाव का पूर्व संकेत है. इसलिए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को अलर्ट रहने तथा आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.


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लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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