किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Kedarnath Dham: सीमांचल के मुख्य केंद्र किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक अद्भुत और अलौकिक आध्यात्मिक नजारा देखने को मिला. मन में अगाध श्रद्धा और बाबा केदारनाथ के दर्शन की पवित्र आस लिए स्थानीय श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था उत्तराखंड स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ‘श्री केदारनाथ धाम’ की पावन यात्रा के लिए रवाना हुआ. श्रद्धालु जैसे ही प्लेटफॉर्म संख्या एक पर ट्रेन पकड़ने के लिए आगे बढ़े, तो वहां मुस्तैद परिजनों और अन्य यात्रियों के ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय बाबा केदार’ के गगनभेदी जयकारों से पूरा स्टेशन परिसर गुंजायमान हो उठा.
भक्ति के रंग में रंगे नजर आए श्रद्धालु; क्षेत्र की सुख-समृद्धि की मांगेंगे मन्नत
- भक्तिमय माहौल: केदारनाथ धाम की इस दुर्गम लेकिन पावन यात्रा पर निकलने से पूर्व सभी श्रद्धालु पूरी तरह शिव भक्ति के रंग में रंगे नजर आए. पुरुषों के साथ-साथ महिला श्रद्धालु भी पारंपरिक परिधानों में बाबा के भजनों पर झूमती मुस्तैद दिखीं.
- कल्याण की कामना: यात्रा कमान संभाल रहे मुख्य कप्तानों (भक्तों) ने बताया कि बाबा केदारनाथ के दर्शन की उनकी लंबे समय से मनोकामना थी, जो बाबा की कृपा से अब पूरी होने जा रही है. उन्होंने कहा कि वे बाबा के पावन दरबार में हाजिरी लगाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे किशनगंज जिला व सीमांचल प्रक्षेत्र की सुख, शांति, आपसी भाईचारे और समृद्धि की विशेष कामना करेंगे.
परिजनों और यात्रियों ने दी भावभीनी विदाई
“हिमालय की कंदराओं में अवस्थित केदारनाथ धाम की यात्रा बेहद कठिन और मौसम के मिजाज पर निर्भर होती है. ऐसे में बाबा के प्रति अटूट विश्वास ही इन श्रद्धालुओं को इतनी ऊर्जा और संबल दे रहा है. हम सभी बाबा से उनकी सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की प्रार्थना करते हैं.”
ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आते ही परिजनों, मित्रों और स्टेशन पर मुस्तैद कनीय व वरिष्ठ यात्रियों ने सभी तीर्थयात्रियों को माला पहनाकर और तिलक लगाकर भावभीनी विदाई दी. इस दौरान पूरा माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया और ट्रेन के रवाना होने तक जयकारों का सिलसिला अनवरत जारी रहा.
