किशनगंज, ठाकुरगंज. भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास एवं समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ठाकुरगंज की ओर से ग्राम चुरली में ग्राम स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता 19वीं वाहिनी के कमांडेंट राज कुमार खलखो ने की. मौके पर उप कमांडेंट विकास पांडे, सहायक कमांडेंट विभव कुमार और इंस्पेक्टर मनोज कुमार मौजूद रहे.
सीमा सुरक्षा में ग्रामीणों की भूमिका पर दिया जोर
बैठक में समाजसेवक अरुण सिंह, वार्ड सदस्य विनोद साहनी, शत्रुघ्न पंडित और बीरेंद्र मुर्मू सहित चुरली एवं बेसरबाटी गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. कमांडेंट राज कुमार खलखो ने सीमा सुरक्षा में एसएसबी की भूमिका और सीमावर्ती गांवों के महत्व पर प्रकाश डाला.
उन्होंने केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना तथा एसएसबी की ओर से संचालित नागरिक कल्याण कार्यक्रमों की जानकारी ग्रामीणों को दी. उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय भी जरूरी है.
ग्रामीणों ने सीधे संवाद में रखीं क्षेत्र की समस्याएं
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने एसएसबी अधिकारियों के साथ सीधे संवाद किया और क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सामने रखा. ग्रामीणों ने पशु तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एसएसबी की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. ग्रामीणों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की भी आवश्यकता है.
स्ट्रीट लाइट और मेडिकल कैंप की मांग
आगामी सिविक एक्शन प्रोग्राम को लेकर ग्रामीणों ने कई प्रस्ताव एसएसबी के सामने रखे. ग्रामीणों ने गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने, जिर्रांगच और चौकहुड में मेडिकल कैंप आयोजित करने तथा किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की.
इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया. ग्रामीणों ने ब्यूटीशियन और पोल्ट्री फार्मिंग प्रशिक्षण शुरू कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं.
कमांडेंट ने मांगों पर विचार का दिया भरोसा
कमांडेंट राज कुमार खलखो ने ग्रामीणों की मांगों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना. उन्होंने आश्वासन दिया कि नागरिक सहायता कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों की ओर से रखे गये प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा और जनहित में आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा. बैठक के माध्यम से एसएसबी और सीमावर्ती ग्रामीणों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ सुरक्षा, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया.
