सुरक्षा भी, स्वरोजगार भी: किशनगंज में SSB की बड़ी पहल; पांचगाछी और मालटोली की 50 बेटियां सीखेंगी ब्यूटी पार्लर का हुनर

सीमा से सटे किशनगंज की 50 युवतियों के लिए रोजगार की नई राह खुल गई है. एसएसबी द्वारा 21 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य युवतियों को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाना है.

किशनगंज. सीमा से सटे गांवों की 50 युवतियों के लिए रोजगार की नई राह खुलने जा रही है. अब पांचगाछी और मालटोली की युवतियां 21 दिनों तक ब्यूटी पार्लर का हुनर सीखेंगी और प्रशिक्षण के बाद अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ेंगी. सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12वीं वाहिनी किशनगंज ने नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत इस पहल की शुरुआत की है. सोमवार को वाइब्रेंट विलेज पांचगाछी एवं मालटोली की युवतियों के लिए 21 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.

नौकरी खोजने के बजाय अपना काम शुरू करने पर जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार ने किया. उन्होंने कहा कि आज के समय में हुनर रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकता है. यदि युवाओं और महिलाओं के पास कोई व्यावहारिक कौशल है तो वे नौकरी की तलाश तक सीमित रहने के बजाय स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं.

उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान केवल प्रमाणपत्र हासिल करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि ब्यूटी पार्लर के काम को पूरी तरह सीखने की सोच के साथ शामिल हों. सीखे हुए हुनर का उपयोग भविष्य में अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है.

50 युवतियां सीखेंगी ब्यूटी पार्लर का हुनर

21 दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण में पांचगाछी और मालटोली क्षेत्र की कुल 50 युवतियां शामिल हो रही हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ब्यूटी पार्लर से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक और व्यावसायिक कौशल की जानकारी दी जाएगी.

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवतियों के लिए अपने स्तर पर रोजगार शुरू करने का अवसर बनेगा. इसके साथ ही आगे चलकर वे दूसरी महिलाओं को भी काम से जोड़कर रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं.

सीमा क्षेत्र में SSB का फोकस, सुरक्षा के साथ रोजगार भी

एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास भी जरूरी है. नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इन पहलों का उद्देश्य सीमावर्ती ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है. महिलाओं और युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देना इसी प्रयास का हिस्सा है.

फोटो- एसएसबी पांचगाछी-मालटोली में 21 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण शुरू.

हुनर बढ़ेगा तो परिवार की आय भी बढ़ेगी

अधिकारियों के अनुसार महिलाओं को कौशल से जोड़ने का सीधा असर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है. ब्यूटी पार्लर जैसी सेवाओं की स्थानीय स्तर पर मांग होने के कारण प्रशिक्षित युवतियां छोटे स्तर से अपना काम शुरू कर सकती हैं.

इससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ परिवार की आय बढ़ाने में भी योगदान देने का अवसर मिलेगा.

प्रशिक्षुओं में दिखा उत्साह, बोलीं- पूरे मन से सीखेंगे हुनर

प्रशिक्षण में शामिल युवतियों में भी काफी उत्साह देखा गया. उन्होंने प्रशिक्षण को भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए पूरे मनोयोग से ब्यूटी पार्लर का काम सीखने की बात कही. कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार ने भी प्रशिक्षुओं से नियमित रूप से प्रशिक्षण में शामिल होने और पूरी लगन के साथ हुनर सीखने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब सीखे गए कौशल को भविष्य में रोजगार का माध्यम बनाया जाएगा.

पंचायत प्रतिनिधि और शिक्षक भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एसएसबी के अधीनस्थ अधिकारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे. उपस्थित अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थी युवतियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया.

सीमा क्षेत्र की युवतियों के लिए रोजगार की नई उम्मीद

पांचगाछी और मालटोली की 50 युवतियों को दिया जा रहा यह प्रशिक्षण केवल एक कौशल सीखने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. यदि प्रशिक्षण के बाद युवतियां अपने हुनर को व्यवसाय में बदलती हैं तो यह पहल सीमा क्षेत्र में महिला आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.

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लेखक के बारे में

By नरेंद्र कु गुप्ता

नरेंद्र कु गुप्ता प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. दिघलबैंक (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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