मुख्य बातें:
Kishanganj Rain Hailstorm Alert: सीमांचल के प्रमुख सीमावर्ती जिले किशनगंज में बुधवार को मौसम का एक बेहद अनोखा और खतरनाक ‘डबल अटैक’ देखने को मिला. सुबह से ही जिला मुख्यालय किशनगंज सहित ठाकुरगंज, बहादुरगंज, पोठिया और टेढ़ागाछ के आसमान पर घने काले कजरारे बादलों ने पूरी तरह से डेरा डाल रखा है. हैरान करने वाली बात यह रही कि इन कड़े बादलों के बीच-बीच में अचानक कड़क धूप भी निकल रही है, जिससे भीषण उमस का माहौल बन गया है. धूप और बादलों की इस आंख-मिचौली के बीच जिले के कई सुदूर ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिसने आने वाले कुछ घंटों में और विकराल रूप धारण करने के संकेत दिए हैं.
टेढ़ागाछ में ठनका की आशंका; अन्य प्रखंडों में 90% तक बारिश के आसार
- ओलावृष्टि का अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, सबसे अधिक संवेदनशील स्थिति टेढ़ागाछ प्रखंड की बनी हुई है. यहां मेघ गर्जन और ठनका चमकने के साथ-साथ भारी ओलावृष्टि (पत्थर गिरने) की गंभीर आशंका जताई गई है.
- भारी वर्षा की संभावना: टेढ़ागाछ के अलावा किशनगंज मुख्य शहर, ठाकुरगंज, बहादुरगंज और पोठिया प्रखंडों में भी 87 से 91 प्रतिशत तक भारी वर्षा होने की आधिकारिक संभावना व्यक्त की गई है.
- संवहनीय बादल सक्रिय: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा में अत्यधिक नमी और अचानक बढ़ी गर्मी के कारण वायुमंडल में तेज ‘संवहनीय बादल’ (Convective Clouds) सक्रिय हो चुके हैं. यही कारण है कि बहुत ही कम समय के अंतराल पर अचानक तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और वज्रपात की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें; निचली बस्तियों पर जलजमाव का खतरा
स्थानीय कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में खेतों में धान की रोपनी का काम चल रहा है, जबकि मक्का और जूट की फसलें भी खेतों में तैयार खड़ी हैं. ऐसे में यदि तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि होती है, तो इन नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है. इसके अतिरिक्त, किशनगंज के निचले महानंदा और कनकई नदी के तटीय इलाकों में जलजमाव होने से ग्रामीण सड़कों और डायवर्जनों पर आवागमन पूरी तरह ठप होने की आशंका बढ़ गई है.
Kishanganj Rain Hailstorm Alert: ठनका से बचने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की सख्त अपील
सीमांचल के सभी जिलों में अगले कुछ घंटे मौसम के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने आम नागरिकों, विशेषकर खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब आसमान में कड़क के साथ बिजली चमके, तो किसी भी सूरत में ऊंचे पेड़ों, ट्रांसफार्मरों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों या जलस्रोतों के पास शरण न लें. लोग मौसम सामान्य होने तक पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही ठहरें, ताकि आकाशीय बिजली (ठनका) की चपेट में आने से बचा जा सके.
