Kishanganj Rain Crisis: पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट. पौआखाली नगर पंचायत में लगातार बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. नगर के कई वार्डों में नालों की सफाई नहीं होने से जलजमाव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. सड़कों और गलियों में जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का डर सताने लगा है. हालात ऐसे हैं कि कई जगह लोग खुद अपने घरों के आसपास नालियों की सफाई करने को मजबूर हैं.
बारिश के बाद गलियों में बढ़ी परेशानी
नगर के वार्ड संख्या आठ में हनुमान मंदिर के सामने वाली गली की हालत सबसे खराब बताई जा रही है. बारिश के बाद पूरी गली कीचड़ और पानी से भर जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव के कारण इस इलाके में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है और बच्चों व बुजुर्गों के बीमार पड़ने का खतरा बना हुआ है.
सरकारी तालाब बने चिंता की वजह
नगर में मौजूद तीन सरकारी तालाब भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं. लंबे समय से जमा गंदा पानी और कचरे के कारण तालाबों में बड़ी संख्या में मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं. आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि यदि जल्द एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया तो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं.
नगर प्रशासन से लोगों की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से तत्काल नालों की सफाई, जलजमाव खत्म करने और नियमित फॉगिंग कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन समय पर सफाई नहीं होने से स्थिति बिगड़ती चली गई.
आधारभूत संरचना बढ़ी, निकासी व्यवस्था पिछड़ी
नगरवासियों का कहना है that शहर में तेजी से निर्माण कार्य बढ़े हैं, लेकिन उसके अनुरूप जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई. यही कारण है कि हल्की बारिश में भी सड़कों और गलियों में पानी भर जाता है. लोगों ने नए नालों के निर्माण और नियमित सफाई व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है.
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