आंगनवाड़ी भर्ती से बदलेगी बिहार के बच्चों की नींव, डॉ रकीब आलम ने फैसले का किया स्वागत

बिहार में आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की बड़ी भर्ती पर शिक्षाविद डॉ. रकीब आलम ने खुशी जताई है. उन्होंने इस फैसले को बिहार के सामाजिक विकास और बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक व सामाजिक विकास की बुनियाद मजबूत करने वाला कदम बताया है.

Kishanganj News: किशनगंज. बिहार में आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की बड़ी भर्ती को लेकर सामाजिक विकास और शिक्षा के क्षेत्र में नई चर्चा शुरू हो गई है. जामिया मिलिया इस्लामिया के सहायक प्रोफेसर और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ रकीब आलम ने राज्य में 6141 आंगनवाड़ी सेविकाओं और 18,750 सहायिकाओं की भर्ती के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बिहार के सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है.

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी व्यवस्था केवल पोषण या प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और सामाजिक विकास की बुनियाद तैयार करती है. उनका मानना है कि यदि आंगनवाड़ी केंद्र मजबूत होंगे, तो राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा.

शुरुआती छह वर्ष सबसे महत्वपूर्ण, आंगनवाड़ी की भूमिका निर्णायक

डॉ रकीब आलम ने एक बयान में कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार मनुष्य के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है. इसलिए राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाया जाए और उनमें पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो.

उन्होंने कहा कि सेविकाओं और सहायिकाओं की यह भर्ती प्रारंभिक बाल विकास, पोषण, मातृ स्वास्थ्य और सामुदायिक जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इससे ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी.

समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी की सराहना

डॉ रकीब आलम ने बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है.

उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना, एकीकृत बाल विकास परियोजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं समाज को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रही हैं.

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और लैंगिक समानता को मिलेगा बल

डॉ आलम के अनुसार आंगनवाड़ी भर्ती का यह निर्णय केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है. यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, लैंगिक समानता, शांति और न्याय जैसे व्यापक सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होगा.

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा पर निवेश करने से भविष्य में शिक्षा प्रणाली, स्वास्थ्य व्यवस्था और मानव संसाधन विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसलिए इस निर्णय को दीर्घकालिक सामाजिक निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए.

Kishanganj News: सतत विकास लक्ष्यों पर लंबे समय से सक्रिय हैं डॉ रकीब आलम

डॉ रकीब आलम पिछले कई वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और मजबूत संस्थागत विकास जैसे सतत विकास लक्ष्यों पर सक्रिय रूप से कार्य करते रहे हैं. उन्होंने इस संबंध में भारत के राष्ट्रपति, बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रियों एवं नीति निर्माताओं से मुलाकात कर सुझाव दिए हैं.

उन्होंने पत्राचार और ईमेल के माध्यम से भी समय-समय पर सरकार को विभिन्न नीतिगत सुझाव भेजने की बात कही. अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि बिहार सामाजिक विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में आगे भी नए मानक स्थापित करेगा और आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह पहल प्रभावी साबित होगी.

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लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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