कटिहार में रेल कार्य से ट्रेनों का रूट बदला, पूर्णिया-ठाकुरगंज होकर गुजरीं कई एक्सप्रेस ट्रेनें

Train Route Diverted: कटिहार रेल मंडल के मुख्य रेलखंड पर चल रहे तकनीकी कार्यों के कारण उत्तर भारत से पूर्वोत्तर जाने वाली कई वीआईपी ट्रेनों के रूट में बड़ा बदलाव किया गया है. रेलवे ने परिचालन बहाल रखने के लिए गोमतीनगर-कामाख्या एक्सप्रेस, लोहित एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस को वाया पूर्णिया-अररिया कोर्ट-ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी होकर चलाया, जिससे इस सिंगल लाइन ट्रैक पर अचानक दबाव बढ़ गया.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Train Route Diverted: कटिहार रेल मंडल के आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और तकनीकी अपग्रेडेशन (रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस) को लेकर चल रहे निर्माण कार्यों का सीधा असर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा है. मुख्य रूट पर ब्लॉक होने के कारण रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय उन्हें ‘प्लान-बी’ के तहत वैकल्पिक मार्ग यानी पूर्णिया-अररिया कोर्ट-ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड से डायवर्ट (परिवर्तित) कर संचालित करने का निर्णय लिया है. इसके तहत 15078 गोमतीनगर-कामाख्या एक्सप्रेस, 15651 लोहित एक्सप्रेस और 15672 अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने पारंपरिक मार्ग के बजाय सीमांचल के आंतरिक रेलखंड से होकर गुजरीं.

ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी ट्रैक पर बढ़ी हलचल; रेल प्रेमियों के लिए दुर्लभ नजारा

आमतौर पर पूर्णिया-अररिया-ठाकुरगंज रेलखंड पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन सीमित संख्या में होता है. परंतु, मुख्य मार्ग से डायवर्शन के कारण इस ट्रैक पर अचानक रेल यातायात असामान्य रूप से बढ़ गया. एक के बाद एक देश की प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को इस वैकल्पिक मार्ग से गुजरते देख जहां स्थानीय रेल प्रेमियों और यात्रियों के लिए यह एक अनोखा और खास नजारा रहा, वहीं रेलवे के परिचालन विभाग (Operations Department) और स्टेशन मास्टरों के लिए इन ट्रेनों को सुरक्षित पास कराना एक कड़ा इम्तिहान और बड़ी चुनौती साबित हुआ.

लेट-लतीफी का पूरा ब्योरा: जानें कौन सी ट्रेन कितनी देरी से चली?

सिंगल लाइन ट्रैक बना विलंभ का कारण: चूंकि पूर्णिया-ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड मुख्य रूप से सिंगल लाइन (एकल रेल पटरी) है, इसलिए विपरीत दिशा से आने वाली ट्रेनों की क्रॉसिंग कराने और सिग्नल क्लीयरेंस मिलने में ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों और आउटर पर रुकना पड़ा. इसका सीधा असर ट्रेनों के समयपालन (Punctuality) पर पड़ा.

परिवर्तित मार्ग से गुजरीं तीनों प्रमुख ट्रेनों की लेट-लतीफी के कड़े आंकड़े नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझे जा सकते हैं:

ट्रेन संख्या एवं नामप्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान की स्थितिठाकुरगंज स्टेशन पर देरीपूर्णिया जंक्शन पर कुल विलंब
15078 गोमतीनगर – कामाख्या एक्सप्रेसकटिहार से 20 मिनट लेट1 घंटा 08 मिनट लेट (निर्धारित 4:21 के बदले 5:29 बजे गई)डायवर्टेड रूट पर क्रमिक रूप से समय बढ़ा
15651 लोहित एक्सप्रेसन्यू जलपाईगुड़ी (NJP) से ही 2 घंटे 15 मिनट लेट2 घंटे 35 मिनट लेट (निर्धारित 10:45 PM के बदले 1:20 AM पहुंची)2 घंटे 48 मिनट लेट (प्रशासनिक दबाव के कारण)
15672 अमृत भारत एक्सप्रेसकटिहार से 20 मिनट लेट34 मिनट लेट (अपेक्षाकृत बेहतर समयपालन)37 मिनट लेट (औसत परिचालन गति)

यात्रियों के लिए आवश्यक सलाह और अलर्ट

  • क्रॉसिंग का इंतजार: रेलवे जानकारों के मुताबिक, इस वैकल्पिक रूट पर लूप लाइनों की सीमित लंबाई और सिंगल ट्रैक होने की वजह से ट्रेनों को रास्ता साफ होने (लाइन क्लियर) का लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे गंतव्य तक पहुंचने में यात्रियों का अतिरिक्त समय खर्च हुआ.
  • अभी जारी रह सकता है डायवर्शन: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कटिहार क्षेत्र में चल रहे तकनीकी और री-मॉडलिंग के कार्य जब तक पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाते, तब तक आवश्यकता और सुरक्षा के मद्देनजर आने वाले दिनों में भी कुछ अन्य ट्रेनों को इसी डायवर्टेड रूट से चलाया जा सकता है.

रेलवे प्रशासन ने सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले तमाम रेल यात्रियों को कड़क हिदायत दी है कि वे घर से निकलने या स्टेशन पहुंचने से पहले भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, एनटीईएस (NTES) ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अपनी संबंधित ट्रेन की लाइव लोकेशन और अद्यतन रूट स्थिति (Current Status) की जानकारी अवश्य ले लें, ताकि स्टेशन पर अनावश्यक रूप से घंटों इंतजार न करना पड़े.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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