— मरीजों को मिल रही 7100 की प्रोत्साहन राशि, आशा कार्यकर्ता निभा रहीं अहम भूमिका
किशनगंजसरकार ने कालाजार उन्मूलन को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में लिया है और इसका लक्ष्य है कि देश को पूरी तरह कालाजार मुक्त बनाया जाए. जिला स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है जागरूकता फैलाने, समय पर जांच सुनिश्चित करने, और उपचार पूरा कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि कालाजार जैसी बीमारी से निपटने के लिए समुदाय का जागरूक होना सबसे जरूरी है. कई बार लोग बुखार को साधारण बीमारी समझकर इलाज टाल देते हैं, जिससे रोग गंभीर रूप ले लेता है. लक्षण दिखते ही जांच और उपचार कराना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि जिले में कालाजार की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों से लेकर सदर अस्पताल तक सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है.
उपचार पूरा करने वाले मरीजों को 7100 की प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कालाजार के प्रत्येक पुष्ट मरीज को उपचार पूर्ण करने पर 7100 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इस योजना का उद्देश्य मरीजों को इलाज बीच में छोड़ने से रोकना और उन्हें पूर्ण स्वस्थ होने तक चिकित्सा सहायता से जोड़कर रखना है. सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि यह आर्थिक सहायता मरीजों के लिए प्रोत्साहन का काम करती है और उन्हें निरंतर इलाज के लिए प्रेरित करती है.सदर अस्पताल में जांच और इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध
सदर अस्पताल में कालाजार के निदान और इलाज के लिए आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक और पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध है. डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि अस्पताल में कालाजार के परीक्षण की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है. रोग की पुष्टि होते ही मरीज को दवा दी जाती है और उसकी निगरानी तब तक की जाती है जब तक वह पूरी तरह स्वस्थ न हो जाए. उन्होंने यह भी कहा कि जिले के सभी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित कीटनाशक छिड़काव और मच्छरदानी वितरण जैसी गतिविधियां लगातार की जा रही हैं ताकि संक्रमण के स्रोत को नियंत्रित किया जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
