पौठिया से ठाकुरगंज तक निकली पद विहार यात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए श्रद्धालु
जैन समाज की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह धार्मिक मंगल पद विहार यात्रा शुक्रवार तड़के सुबह पौठिया प्रखंड क्षेत्र से प्रारंभ होकर ठाकुरगंज तक निकाली गई. हाथों में जैन धर्म का पंचरंगी पावन ध्वज लिए, भक्ति गीतों की धुनों पर झूमते और भगवान महावीर के गगनभेदी जयकारों के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष धर्मावलंबी इस यात्रा के सारथी बने. यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धा, समर्पण और भक्ति का एक अनुपम माहौल बना रहा.
सुबह लगभग 09:00 बजे जैसे ही साध्वी मंडल का ठाकुरगंज स्थित प्रसिद्ध हमी धर्मशाला में मंगल प्रवेश हुआ, वैसे ही समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और महिलाओं ने पारंपरिक मांगलिक पद्धतियों से पूज्य माताजी के पावन चरणों का प्रक्षालन कर भव्य अगवानी की.
साध्वी मंडल से लिया आशीर्वाद, महिलाओं और युवाओं में दिखा भारी उत्साह
हमी धर्मशाला में आयोजित धर्मसभा के दौरान श्रद्धालुओं ने गणिनी गुरु माँ आचार्या 105 श्री विशुद्ध मति माताजी, श्री नवित मति माताजी, श्री विभूति मति माताजी एवं श्री चेतन मति माताजी के दर्शन कर ससमय वंदना की और सामूहिक आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म लाभ लिया. श्रद्धालुओं ने साध्वी मंडल के दर्शन कर अपने आप को धन्य महसूस किया.
इस भव्य समागम में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. महिलाओं ने विशेष पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर मंगल कलश के साथ यात्रा में भाग लिया, वहीं युवा और बच्चे भी पूरे जोश और उत्साह के साथ संतों की अगवानी के साक्षी बने.
समाज के गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति, यात्रा ने दिया संस्कारों का संदेश
इस ऐतिहासिक धार्मिक प्रसंग को सफल बनाने में जैन समाज और अन्य स्थानीय संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम में मुख्य रूप से मोहन जैन, प्रदीप जैन, राजेश जैन, गणेश अग्रवाल, अरुण जैन, नरेश जैन, बिमल जैन, मनोज जैन, प्रमोद जैन, पदम जैन, दिलीप जैन, देवकी अग्रवाल और आलोक जैन उपस्थित रहे.
इसके साथ ही मातृशक्ति और श्रद्धालुओं की ओर से पूनम जैन, प्रीति जैन, नूतन जैन, बुलबुल जैन, नीतू जैन, आयुषी जैन, अनु जैन, शिमला जैन, शेरी जैन, बबीता जैन, पिंकी जैन तथा नीतू नखत सहित समाज के कई गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ कमाया. आयोजकों ने बताया कि यह धार्मिक यात्रा समाज में आपसी सौहार्द, आध्यात्मिक जागरूकता एवं नई पीढ़ी में धार्मिक संस्कारों के प्रसार का एक बड़ा संदेश देती है.
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:
