किशनगंज : सिलीगुड़ी से बालुरघाट के बीच चलने वाली 15464 इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ट्रेन में डिब्बों की संख्या अब भी 12 पर सीमित है. बढ़ती भीड़ के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से लेकर सफर करने तक परेशानी उठानी पड़ रही है. कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि यात्रियों को दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है.
करीब एक साल पहले ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ट्रेन में अतिरिक्त कोच लगाने की मांग रेलवे से की थी. समिति ने रेल मंत्री, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक, कटिहार डीआरएम और स्थानीय सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया था. पत्र के साथ ट्रेन में उमड़ती भीड़ की तस्वीरें भी भेजी गयी थीं.
रेलवे ने माना, 15 कोच तक चल सकती है ट्रेन
रेल यात्री समिति की मांग के जवाब में कटिहार रेल मंडल ने बताया था कि ट्रेन में निर्धारित सामान्य भार 12 कोच है, जबकि इसकी अधिकतम स्वीकार्य क्षमता 15 कोच तक है.
रेलवे ने रेक के अलीपुरद्वार रेल मंडल के स्वामित्व का हवाला देते हुए इस संबंध में अलीपुरद्वार मंडल को पत्र भेजने की बात कही थी. इसके बाद यात्रियों को उम्मीद थी कि अतिरिक्त कोच को लेकर आगे कोई निर्णय होगा.
एक साल बीता, यात्री भार का नया सर्वे नहीं
रेलवे के इस जवाब को करीब एक साल बीत चुका है. इस दौरान यात्रियों की संख्या और भी बढ़ने की बात सामने आ रही है, लेकिन समिति का आरोप है कि अब तक यह आकलन नहीं किया गया कि वर्तमान में ट्रेन में वास्तविक यात्री भार कितना है और अतिरिक्त कोच की कितनी जरूरत है.
यात्रियों का कहना है कि रेक का स्वामित्व रेलवे की आंतरिक व्यवस्था का विषय हो सकता है, लेकिन ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का सवाल अलग है. ऐसे में मौजूदा यात्री भार का सर्वे कर वास्तविक जरूरत के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए.
प्लेटफॉर्म पर भी जान जोखिम में डाल रहे यात्री
ठाकुरगंज स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस के आने के समय भीड़ की स्थिति और गंभीर हो जाती है. ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर आती है. भीड़ अधिक होने पर कई यात्री जोखिम उठाकर दूसरी ओर की पटरियों पर उतरते हैं और उसी रास्ते से प्लेटफॉर्म की ओर आने-जाने की कोशिश करते हैं.
रेलवे ट्रैक पर यात्रियों का इस तरह उतरना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है. एक ओर ट्रेन के भीतर जगह को लेकर यात्रियों में परेशानी है, तो दूसरी ओर प्लेटफॉर्म पर भीड़ के कारण कुछ यात्री पटरी पार करने जैसा जोखिम उठा रहे हैं.
15 कोच की क्षमता, फिर अतिरिक्त डिब्बों का इंतजार क्यों?
रेलवे के जवाब में खुद 15 कोच तक ट्रेन चलाने की अधिकतम स्वीकार्य क्षमता बतायी गयी है. ऐसे में ठाकुरगंज रेल यात्री समिति का सवाल है कि नये यात्री भार का सर्वे कराकर अतिरिक्त कोच लगाने की जरूरत तय करने में आखिर देरी क्यों हो रही है?
समिति ने रेलवे से तत्काल यात्री संख्या का सर्वे कराने और वास्तविक यात्री भार के आधार पर इंटरसिटी एक्सप्रेस में अतिरिक्त डिब्बे लगाने की मांग की है.
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
यात्रियों का कहना है कि भीड़ केवल असुविधा का विषय नहीं है. जब यात्रियों को दरवाजे पर खड़े होकर सफर करना पड़े या स्टेशन पर पटरी पार करने जैसी स्थिति बने, तो यह सुरक्षा से भी जुड़ा मामला हो जाता है.
ऐसे में रेलवे को यात्री संख्या, कोच क्षमता और प्लेटफॉर्म पर भीड़ की स्थिति का संयुक्त आकलन कर समाधान निकालना चाहिए.
आंदोलन की चेतावनी
ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने कहा है कि यदि यात्रियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यात्री हित में दोबारा आंदोलन किया जायेगा. समिति की मांग है कि रेलवे जल्द से जल्द यात्री भार का सर्वे कराये और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कोच लगाने की प्रक्रिया शुरू करे.
इंटरसिटी की समस्या के मुख्य बिंदु
ट्रेन : 15464 सिलीगुड़ी-बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस. वर्तमान कोच : 12. रेलवे द्वारा बतायी गयी अधिकतम स्वीकार्य क्षमता : 15 कोच. मुख्य समस्या : बढ़ती भीड़ और सीमित कोच. यात्रियों की परेशानी : दरवाजे पर खड़े होकर सफर करने की स्थिति. ठाकुरगंज स्टेशन पर जोखिम : भीड़ के बीच कुछ यात्रियों का पटरी पर उतरना. मांग : यात्री भार का नया सर्वे और अतिरिक्त कोच. समिति की चेतावनी : समाधान नहीं होने पर आंदोलन.
