ठाकुरगंज रविवार को बिहार डेवलपमेंट कॉलेक्टिव के सदस्य संगठनों ने ठाकुरगंज में की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का जायजा लिया. यह फार्म विजिट प्रोजेक्ट पोटेंशियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से 50 से अधिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए. फार्म विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के महत्व, इसकी व्यावसायिक संभावनाओं और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. इस नवाचारी खेती मॉडल को देखकर प्रतिनिधियों ने इसे अपने-अपने क्षेत्रों में अपनाने की प्रेरणा भी ली. ड्रेगन फ्रूट के किसान नागराज नखत ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए अपने 12 वर्षों के अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि कैसे इस खेती ने कम समय में बेहतर आय का रास्ता खोला और किसानों के लिए एक वैकल्पिक मॉडल प्रस्तुत किया. इस अवसर पर इनोवेटर्स इन हेल्थ, हैप्पी होराइज़न्स ट्रस्ट, स्वयं शिक्षण प्रयोग, आई-सक्षम जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और सूबे के पहले ड्रैगन फ्रूट उत्पादक किसान से उनके अनुभवों को जाना. प्रोजेक्ट पोटेंशियल ट्रस्ट के सह-संस्थापक अबोध कुमार ने बताया कि इस फार्म विजिट का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को बिहार की कृषि एवं प्राकृतिक संभावनाओं से अवगत कराना था. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ठाकुरगंज क्षेत्र की विशिष्टताओं जैसे जलवायु, मिट्टी और आधुनिक खेती की संभावनाओं को समझने पर जोर दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के माध्यम से संगठन सामाजिक संस्थाओं को कृषि-आधारित आजीविका के नए अवसरों से जोड़ना चाहता है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके.
नवाचारी खेती कम समय में बेहतर आय का जरिया
रविवार को बिहार डेवलपमेंट कॉलेक्टिव के सदस्य संगठनों ने ठाकुरगंज में की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का जायजा लिया
