भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को अभेद्य बनाने और सीमा पार से संचालित होने वाली आपराधिक व असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने साझा रणनीति तैयार की है.
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत सीमा चौकी (BOP) फतेहपुर में 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल (APF) के बीच समवाय (कंपनी) स्तर की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और आपसी खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर मुहर लगाई गई.
दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे मौजूद
समन्वय बैठक में 12वीं वाहिनी एसएसबी किशनगंज के ई-समवाय प्रभारी सह सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह और सीमा चौकी फतेहपुर प्रभारी राम कृष्ण विश्वास सहित एसएसबी के जवान शामिल रहे.
वहीं, नेपाल की ओर से आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के डीएसपी किशोर कुमार श्रेष्ठ, एपीएफ फतेहपुर कमांडर उपनिरीक्षक दुर्गा राई समेत अन्य सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे. बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर शांति व्यवस्था कायम रखते हुए सीमा पार अपराधों पर प्रभावी प्रहार करना रहा.
तस्करी, नकली नोट और मानव तस्करी पर जीरो टॉलरेंस
बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय तस्कर गिरोहों के मंसूबों को ध्वस्त करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए:
- अवैध गतिविधियों पर रोक: नशीले पदार्थों (ड्रग्स), जाली भारतीय मुद्रा (FICN), अवैध शराब, हथियार, मवेशी और मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) पर कड़ा प्रहार करने के लिए संयुक्त रणनीति तय की गई.
- रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग: दोनों देशों के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सीमा पार किसी भी संदिग्ध हलचल या तस्करी की सूचना तत्काल एक-दूसरे से साझा की जाए, जिससे समय रहते त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
- सीमा स्तंभ व नो-मैंस लैंड: अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभों (बॉर्डर पिलर्स) की सुरक्षा, नो-मैंस लैंड (दशगजा क्षेत्र) पर किसी भी तरह के अवैध अतिक्रमण को हटाने और उसकी नियमित साफ-सफाई को लेकर साझा अभियान चलाने पर सहमति बनी.
पहचान-पत्र की सघन जांच और संयुक्त गश्त का निर्देश
बैठक में दोनों देशों के चेकपोस्ट प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि सीमा से वैध आवागमन करने वाले आम नागरिकों को असुविधा पहुंचाए बिना संदिग्ध व्यक्तियों की कड़ी पहचान-पत्र जांच, पूछताछ और सामानों की गहन तलाशी सुनिश्चित की जाए.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खुली सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों बलों के बीच निरंतर तालमेल, फ्लैग मार्च और साझा गश्त ही सीमांत क्षेत्रों में पूर्ण सुरक्षा का आधार बनेगी.
