किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फ़ाराबाड़ी में पर्याप्त भवन और बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसके कारण नामांकित छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को पठन-पाठन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह विद्यालय वर्तमान में उत्क्रमित मध्य विद्यालय फ़ाराबाड़ी के ही परिसर में किसी तरह संचालित किया जा रहा है. सीमित संसाधनों के बीच बरामदे में बैठकर पढ़ने को मजबूर छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटका हुआ है.
255 विद्यार्थियों के लिए महज 2 कमरे उपलब्ध
विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होती है और वर्तमान में करीब 255 विद्यार्थी नामांकित हैं. लेकिन इन विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए विद्यालय के पास मात्र दो कमरे ही उपलब्ध हैं. इन दो कमरों की स्थिति यह है कि एक कमरे में स्मार्ट क्लास और आईसीटी (ICT) लैब संचालित की जा रही है, जबकि दूसरे कमरे को एक साथ पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला (साइंस लैब) और विद्यालय कार्यालय (ऑफिस) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
बरामदे में चलती हैं कक्षाएं, पढ़ाई हो रही प्रभावित
कमरों की भारी किल्लत के कारण नियमित कक्षाओं के संचालन के लिए बिल्कुल जगह नहीं बचती है. ऐसी स्थिति में विद्यालय प्रशासन को मजबूरी में कई कक्षाओं का संचालन खुले बरामदे में करना पड़ता है. बरामदे में बैठने के कारण विद्यार्थियों को न तो अनुकूल अध्ययन का वातावरण मिल पाता है और न ही शिक्षक सही तरीके से अपनी सेवाएं दे पाते हैं. मौसम की मार और शोर-शराबे के बीच छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.
विभाग को भेजा गया है पत्र, ग्रामीणों ने उठाई पृथक भवन की मांग
प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय भवन की इस गंभीर किल्लत और समस्याओं को लेकर शिक्षा विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है. उन्होंने कहा कि पर्याप्त भवन न होने से शिक्षकों और छात्रों दोनों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी मशक्कत करनी पड़ती है. 255 विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय ग्रामीणों तथा विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से विद्यालय के लिए अलग एवं पर्याप्त भवन निर्माण कराने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाएं जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है.
