ठाकुरगंज क्षेत्र में रसोई गैस की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है. सरकार द्वारा गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए न्यूनतम अंतराल 25 दिन निर्धारित किए जाने के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है. हालत यह है कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद भी गैस बुकिंग नहीं हो पा रही, जिससे आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां 15 से 20 दिनों के भीतर आसानी से गैस सिलेंडर की बुकिंग हो जाती थी, वहीं अब 25 दिन पूरे होने के बाद भी ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और फोन के जरिए बार-बार प्रयास करने पर नो बुकिंग या ट्राई अगेन लेटर का संदेश मिल रहा है. कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे लगातार कई दिनों से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है. लगातार बदलते नियम और गैस की किल्लत के बीच ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थिति और भी विकट हो गई है. गैस की अनुपलब्धता के कारण कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी, कोयला और उपले जैसे पारंपरिक ईंधनों का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे न केवल अतिरिक्त मेहनत और समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है. एजेंसी पर संपर्क करने पर या तो फोन नहीं उठाया जाता या फिर सिस्टम की समस्या बताकर टाल दिया जाता है. इस मामले में ठाकुरगंज के एजेंसी संचालक ने बताया कि नए नियम लागू होने के बाद सर्वर पर दबाव बढ़ गया है और सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है, जिसके चलते बुकिंग और डिलीवरी दोनों में देरी हो रही है. स्थिति यह है कि कई घरों में गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है और लोग उधार सिलेंडर लेकर या अन्य विकल्पों से काम चला रहे हैं. खासकर शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक आयोजनों के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
25 दिन बाद भी नहीं हो रही गैस बुकिंग, उपभोक्ताओं में आक्रोश
क्षेत्र में रसोई गैस की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है
