जामिया मिलिया इस्लामिया के सहायक प्रोफेसर व प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. रकीब आलम ने बिहार सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोलने तथा छात्रों के लिए नीट (NEET) और जेईई (JEE) की मुफ्त कोचिंग शुरू करने के फैसले पर प्रसन्नता जताई है. उन्होंने बिहार सरकार के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगा.
शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं डॉ. रकीब
उल्लेखनीय है कि डॉ. रकीब आलम देश में सतत विकास लक्ष्यों (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और शांति व न्याय) की प्राप्ति के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं. इस संदर्भ में वे राष्ट्रपति, बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय व राज्य मंत्रियों सहित कई नीति निर्माताओं से मुलाकात कर चुके हैं तथा पत्राचार व ईमेल के जरिए अपने उपयोगी सुझाव देते रहते हैं. उनका मानना है कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण व दूर-दराज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा.
आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की बहाली के फैसले की सराहना
इसके साथ ही प्रोफेसर डॉ. रकीब आलम ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 6,141 सेविकाओं और 18,750 सहायिकाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती करने के निर्णय का भी स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य में जमीनी स्तर पर कुपोषण, स्वास्थ्य और प्राथमिक बाल देखभाल व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य जनकल्याण और सामाजिक विकास के नए आयाम स्थापित करेगा.
