किशनगंज प्रेम विवाह के बाद पति ने दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर पत्नी को दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने के लिए मजबूर कर दिया. इतना ही नहीं पति ने जमीन दिलाने का झांसा देकर कुछ कागजातों पर दस्तखत करा कर खुलानामा तैयार कर लिया और पीड़िता को बीबी मानने से इंकार कर उसे घर से निकाल दिया. इंसाफ के लिये दर दर भटकने के बाद आखिरकार उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. न्यायालय के निर्देश पर महिला थाने में केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस को दिये आवेदन के अनुसार टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता का प्रेम संबंध बलवाडांगी गांव निवासी मंसूर आलम के साथ था. मंसूर शादी करने का झांसा देकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने लगा था लेकिन एक दिन स्थानीय लोगों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया. मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर पंचायती भी की गई. पंचायत के निर्देश पर ग्रामीणों ने दोनों का निकाह करा दिया लेकिन निकाह के बाद पति और ससुराल वाले दहेज नहीं मिलने को लेकर पीड़िता को प्रताड़ित करने लगे. फिर एक दिन पति मंसूर ने दहेज नहीं लाने के कारण पीड़िता को अपने सात दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने के लिए मजबूर कर दिया. इस दौरान तौहीद, मोहसिन, सरवर, इंतखाब, असफाक, मुस्लिम और अनवर ने उसके साथ दुष्कर्म किया फिर एक दिन मंसूर ने पीड़िता को जमीन दिलाने का झांसा देकर कुछ दस्तावेजों पर उससे दस्तखत करा लिया.
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