पौआखाली. ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत पौआखाली नगर पंचायत के वार्ड संख्या तीन और डुमरिया पंचायत के वार्ड संख्या आठ का मीरभिट्ठा और सीमलबाड़ी गांव कनकई नदी के मुहाने पर बसा है. नेशनल हाइवे पर मीरभिट्ठा पुल से बिलकुल सटा मीरभिट्ठा दक्षिणी भाग वाले गांव और उसके बगल में सीमलबाड़ी कब्रिस्तान ईदगाह की जमीन का एक बड़ा हिस्सा जो नदी के कटाव में विलीन हो रहा है. उसके स्थाई समाधान को लेकर इलाके के जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक बेरुखी से ग्रामीणों में नाराजगी है. स्थानीय ग्रामीण और पूर्व वार्ड सदस्य नूर आलम ने बताया है कि दक्षिण मीरभिट्ठा टोला से सीमलबाड़ी मदरसा के बीच करीब पचास एकड़ भूभाग नदी के कटाव में विलीन हो चुका है. बहुत पहले ही गांव की ईदगाह की जमीन भी नदी में समा चुकी है और वहां मौजूद कब्रिस्तान की जमीन भी नदी कटाव में बह चुकी है. नदी किनारे मुख्यमंत्री सड़क भी मीरभिट्ठा पुल के समीप नदी के निशाने पर है. लंबे समय से तटबंध निर्माण की मांग होती रही है, लेकिन आजतक इस दिशा में काम नहीं हो सका है. वहीं स्थानीय ग्रामीण हबेबुर रहमान ने बताया है कि कृषकों की जमीन से लेकर ईदगाह कब्रिस्तान की जमीन और मुख्यमंत्री सड़क तक को नदी लील रही है. नदी तट से कुछ ही दूरी पर एक सरकारी मदरसा भी यहां संचालित है. इन्होंने कहा कि प्रत्येक पांच वर्षों के अंतराल के बाद जब-जब नए जनप्रतिनिधियों को चुनने का अवसर आता है, तब तब ग्रामीणों को उनसे काफी उम्मीदें रहती है. मगर पांच वर्षों का कार्यकाल आश्वासन में ही गुजर जाते है और ग्रामीण खुद को हमेशा की तरह ठगा महसूस करते है.
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