फलेरिया से मुक्ति दिलाना स्वास्थ्य विभाग व समाज की जिम्मेवारी: डीएम

फाइलेरिया एक ऐसा गंभीर मच्छर जनित रोग है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर को अंदर से कमजोर करता है और समय रहते पहचान न होने पर आजीवन अपंगता का कारण बन सकता है

By AWADHESH KUMAR | December 21, 2025 7:47 PM

-फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में निर्णायक पहल

किशनगंजफाइलेरिया एक ऐसा गंभीर मच्छर जनित रोग है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर को अंदर से कमजोर करता है और समय रहते पहचान न होने पर आजीवन अपंगता का कारण बन सकता है. इसी क्रम में ठाकुरगंज प्रखंड के शहरी क्षेत्र गांधी नगर वार्ड संख्या एक स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में प्री टास एवं नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी ताराचंद धनुका, नगर परिषद ठाकुरगंज के अध्यक्ष सिकंदर पटेल, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अखलाकुर रहमान एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मंजर आलम ने किया.

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मंजर आलम ने कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि प्री टास वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि किसी क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण का स्तर कम हो चुका है या नहीं कि आगे के उन्मूलन चरण की ओर बढ़ा जा सके. इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नाइट ब्लड सर्वे है, जिसमें रात्रि के समय चयनित व्यक्तियों के रक्त नमूनों की जांच की जाती है. भीबीडीसी सलाहकार अविनाश रॉय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकार को ध्यान में रखते हुए पात्र लाभुकों के बीच दिव्यांग प्रमाण पत्र का भी वितरण किया गया.

जिलाधिकारी विशाल राज ने कार्यक्रम को फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि फाइलेरिया केवल स्वास्थ्य विभाग की चुनौती नहीं, बल्कि यह सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है. प्री टास और नाइट ब्लड सर्वे के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे जिले के नागरिक एक गंभीर और आजीवन पीड़ा देने वाले रोग से मुक्त हों. आमजन से अपील है कि वे सर्वे टीमों को पूरा सहयोग दें, ताकि ठाकुरगंज सहित पूरा जिला फाइलेरिया मुक्त बन सके.

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि फाइलेरिया एक धीमा लेकिन अत्यंत घातक रोग है, जो व्यक्ति की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को पूरी तरह प्रभावित कर देता है.

कार्यक्रम में समाजसेवी ताराचंद धनुका ने कहा कि फाइलेरिया जैसे रोग से लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती. इसमें समाज, स्थानीय प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है.

भीबीडीसीओ डॉ. मंजर आलम ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा तय मानकों के अनुसार सैंपल लिए जा रहे हैं और डेटा की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

फाइलेरिया मुक्त ठाकुरगंज की ओर मजबूत कदम

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अखलाकुर रहमान ने बताया कि प्री टास एवं नाइट ब्लड सर्वे का यह शुभारंभ ठाकुरगंज को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है. प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाज की संयुक्त सहभागिता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र इस गंभीर रोग से पूरी तरह मुक्त हो सकेगा.

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