नौ घंटे ड्यूयी होने से चालक ने ट्रेन चलाने से किया इंकार, तीन घंटे यात्री रहे परेशान
ठाकुरगंज से अनोखा मामला सामने आया है
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
ठाकुरगंज
ठाकुरगंज से अनोखा मामला सामने आया है. यहां ड्राइवर की ड्यूटी पूरी हो गई तो उसने ठाकुरगंज स्टेशन पर यात्री ट्रेन को छोड़कर आगे ड्यूटी करने से इंकार कर दिया. हालांकि इस दौरान गार्ड व स्टेशन मास्टर ने बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन ड्राइवर अपनी जिद पर अड़ा रहा, इसकी वजह से बुधवार दोपहर दो बजकर 52 मिनट से ठाकुरगंज स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन के यात्रियों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा. तीन घंटे बाद पीछे से आने वाली दूसरे ट्रेन में यात्रा करनी पड़ी. इस दौरान ठाकुरगंज स्टेशन का प्लेटफार्म संख्या एक पूरी तरह बाधित रहा. यात्रियों में नाराज़गी देखी गई .
बताते चले कई यात्री इसी ट्रेन से बागडोगरा जाकर फ्लाइट पकड़ने का प्रोग्राम बनाये हुए थे. यह ट्रेन मालदा से लेकर सिलीगुड़ी तक के इलाक़ों के बीच रोज़मर्रा के शहर-कस्बों, छोटे बाजारों और गांवों को जोडती है. यह खास तौर पर उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो रोज़ काम, पढ़ाई या घरेलू यात्राओं के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं .
क्या था मामला
बताते चले मालदा से सिलीगुड़ी जाने वाली 75719 डीएमयू जिसका नियत समय ठाकुरगंज में 11 : 55 है, यह ट्रेन तीन घंटा लेट ठाकुरगंज पहुंची. जो मालदा से सुबह 6 :35 पर खुलती है. मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डीएमयू ट्रेन जैसे ही ठाकुरगंज स्टेशन पहुंची, ड्राइवर ने स्टेशन मास्टर को बताया कि उसकी ड्यूटी नौ घंटे से अधिक हो चुकी है. उसने कहा कि इस लंबे ड्यूटी के बाद आगे ट्रेन चलाना सुरक्षा के लिहाज़ से जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए वह आगे नहीं जा सकता . दालकोला से मेमो देते आ रहा था ड्राईवर
इस मामले में रेलवे सूत्रों ने बताया कि उक्त ड्राईवर ने सबसे पहले दालकोला फिर किशनगंज फिर अलुआबाड़ीरोड स्टेशन में मेमो देकर रेल अधिकारियो को सूचित किया था.
क्या कहते है रेलवे नियम
भारतीय रेलवे में सुरक्षा नियमों के तहत एक लोको पायलट को एक निश्चित समय (लगभग 9–10 घंटे) से अधिक लगातार ट्रेन नहीं चलाने दिया जाता है. इस नियम का उद्देश्य यह है कि ड्राइवर की थकान से कोई दुर्घटना या गंभीर समस्या न हो.B