ठाकुरगंज प्रखंड की भोलमारा पंचायत अंतर्गत हरिजन टोला भनकरदुवारी (वार्ड संख्या 10 एवं 11) में सरकारी विकास योजनाओं के रख-रखाव और देखरेख की पोल खुल गई है. पंचायत द्वारा वर्षों पहले कराए गए निर्माण कार्यों की सुध न लिए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में काफी रोष है. निर्माण के दशकों बीत जाने के बाद भी नाले और पीसीसी सड़क की मरम्मत न होने से पूरा इलाका बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है.
मरम्मत के अभाव में 23 साल पुराना नाला हुआ जर्जर
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2003 में पंचायत द्वारा गांव में नाले का निर्माण कराया गया था.
- 23 साल से नहीं हुई मरम्मत: निर्माण के करीब 23 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक इस नाले की कोई सुध नहीं ली गई है, जिससे नाला पूरी तरह जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुका है.
- जल निकासी की समस्या: नाले के टूटने के कारण गांव में गंदे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे बरसात के दिनों में जलजमाव और महामारियों का खतरा बना रहता है.
पीसीसी सड़क खस्ताहाल, आवागमन में हो रही फजीहत
इसके साथ ही वर्ष 2009 में निर्मित पीसीसी सड़क की भी स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है.
लंबे समय से मरम्मत न कराए जाने के कारण सड़क की कंक्रीट उखड़ चुकी है और जगह-जगह गड्ड बन गए हैं. इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को आवाजाही करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
'निर्माण के बाद भूल गए जनप्रतिनिधि, गांव की हो रही उपेक्षा'
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत निर्माण कार्य कराने के बाद उनका समय-समय पर रख-रखाव और जीर्णोद्धार होना भी बेहद आवश्यक है, ताकि सरकारी धन और सुविधाओं का लाभ जनता को लगातार मिलता रहे.
पैक्स चेयरमैन मोहम्मद आरिफ आलम, एहतशाम आलम, दिलवर हुसैन, सह आलम, साबिर, खैरूल, सोहनलाल हरिजन, बीरबल हरिजन और हवालाल हरिजन सहित अन्य ग्रामीणों ने वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर गांव की घोर अनदेखी और उपेक्षा का आरोप लगाया है.
प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से मरम्मत की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने संबंधित अंचल व प्रखंड प्रशासन तथा पंचायत प्रतिनिधियों से मांग की है कि:
- जल्द से जल्द गांव का स्थलीय निरीक्षण (Physical Inspection) किया जाए.
- जर्जर नाले का पुनरुद्धार और पीसीसी सड़क की त्वरित मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को जलजमाव और खराब सड़क की समस्या से राहत मिल सके.
