DM Review Meeting:किशनगंज से रंजीत रामदास की रिपोर्ट: किशनगंज के जिलाधिकारी (DM) विशाल राज की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ ‘कार्य संस्कृति’ और विभिन्न विभागीय योजनाओं से संबंधित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जिले के अलग-अलग विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों, जन-शिकायतों और वर्षों से धूल फांक रहे लंबित सरकारी मामलों की विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा की गई. डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने और फाइलों का त्वरित निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया.
20 साल पुराने मामलों का प्राथमिकता पर होगा निपटारा, डीसीएलआर को अल्टीमेटम
बैठक में प्रशासनिक पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के लिए कर्मियों की कर्म पुस्तिका (सर्विस बुक) के संधारण, संचिकाओं (फाइलों) के ससमय प्रस्तुतीकरण और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के शत-प्रतिशत अनुपालन की समीक्षा की गई. इसके अलावा माननीय न्यायालय वाद, लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग, सूचना का अधिकार (RTI), सीपी ग्राम, सीएम डैशबोर्ड और सीएम जनता दरबार से जुड़े लंबित आवेदनों की प्रगति जांची गई.
डीएम ने अधिकारियों को झकझोरते हुए पुराने मामलों को दबाकर रखने पर गहरी नाराजगी जताई:
- 20 साल पुराने मामले: बैठक में मुख्य रूप से वर्ष 2007-08 से लटके पड़े मामलों को शीघ्र बंद करने का निर्देश दिया गया.
- डीसीएलआर स्तर पर बड़ी सुस्ती: भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) स्तर पर वर्ष 1999-2000 (करीब 26 वर्ष पुराने) से लंबित राजस्व मामलों को ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर लेकर निष्पादित करने को कहा गया.
- इसके अतिरिक्त 20 वर्ष से अधिक पुराने जितने भी मामले हैं, उन्हें संबंधित स्तर से तुरंत आगे बढ़ाकर क्लोजर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया.
अंचल अधिकारियों की रोज होगी वीसी, सीएम डैशबोर्ड की बनेगी सूची
अंचल (ब्लॉक) स्तर पर राजस्व और भूमि विवाद के मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि अंचलाधिकारियों (CO) के स्तर पर लंबित मामलों की अब प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से नियमित समीक्षा की जाएगी. मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिला स्तर पर जितने भी आवेदन पेंडिंग हैं, उनकी एक अलग सूची तैयार कर अगली बैठक में विस्तृत रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत करने का जिम्मा संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया है.
सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा, कटेगी अवैध बिजली
भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त लहजे में निर्देश देते हुए जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि जिले में सरकारी भूमि, आम रास्तों या जल स्रोतों पर किए गए किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने निर्देश दिया कि:
- सभी चिन्हित अतिक्रमणकारियों को बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत तत्काल नियमानुसार लीगल नोटिस निर्गत किया जाए.
- नोटिस की अवधि समाप्त होते ही बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
- बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश: डीएम ने एक बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिया कि जिन अतिक्रमित सरकारी भूखंडों पर अवैध रूप से बिजली के कनेक्शन ले लिए गए हैं, उन्हें तुरंत विच्छेदित (डिस्कनेक्ट) कराने के लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की जाए.
बैठक में मौजूद रहे जिले के ये आला अधिकारी
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता (ADM) अमरेंद्र कुमार पंकज, उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO) जफर आलम, वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती सुनीता कुमारी, जिला योजना पदाधिकारी-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) कुंदन कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अनिकेत कुमार सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, सहकारिता और कल्याण विभागों के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे. डीएम के इस कड़े रुख से महकमे में हड़कंप का माहौल है.
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